֍:पुलिस तैनात§ֆ:26 अक्टूबर को जींद के उचाना में, एक किसान को DAP खरीदने के दौरान चोट लग गई. इसके बाद पुलिस ने खाद खरीदने के लिए स्थानीय सहकारी समिति कार्यालय में अनियंत्रित भीड़ को नियंत्रित किया. भिवानी जिले के तोशाम थाने में एक सहकारी समिति के कर्मचारियों ने इस प्रक्रिया को अपने हाथ में लिया और किसानों को पर्चियां थमा दी. वहीं, रविवार को सैकड़ों किसान, जिनमें से कई महिलाएं थीं, तो थाने के बाहर लंबी कतारों में खड़े होकर पर्चियों का इंतजार कर रही थीं.§֍:
DAP की कमी से किसान परेशान
§ֆ:किसानों को आमतौर पर सरसों और गेहूं की बुवाई के लिए प्रत्येक एकड़ में 50 किलो डीएपी की एक बोरी की आवश्यकता होती है. आलू के मामले में यह तीन बोरी तक हो जाती है. सरसों और आलू की बुवाई आमतौर पर अक्टूबर में होती है, उसके बाद नवंबर में गेहूं की बुवाई होती है. ऐसे में डीएपी की कमी को लेकर किसान परेशान हैं. डीएपी की कमी को स्वीकार करते हुए हरियाणा कृषि और किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक राजबीर सिंह ने कहा, “उदाहरण के लिए, हिसार जिले को अब तक 25,000 मीट्रिक टन की मांग के मुकाबले केवल 8,000 मीट्रिक टन डीएपी उर्वरक की आपूर्ति मिली है. हमें आने वाले दिनों में और अधिक डीएपी की आपूर्ति की उम्मीद है.”§रबी फसलों की बुवाई शुरु होने के साथ देशभर में डीएपी यानि डाई-अमोनियम फास्फेट की कमी देखी जा रही है. ऐसे में हरियाणा के किसानों में दहशत फैल गई है. इस प्रमुख खाद के वितरण के दौरान भीड़ को संभालने के लिए पुलिस को आगे आना पड़ा है, जिसके बाद हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहाना और महेंद्रगढ़ के नारनौल में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में डीएपी बेचे गए.

