֍:कृषि क्षेत्र में हुए करार§ֆ:कृषि क्षेत्र में हुए एमओयू से किसानों की उपजों को सही दाम मिलेगा, उनका मुनाफा बढ़ेगा क्योंकि उनकी उपज के लिए सप्लाई चेन दुरुस्त होगी और उसके लिए खरीदार मिलेंगे. कृषि में हुए निवेश के करार से राजस्थान में फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग इंडस्ट्री का संख्या बढ़ेगी जिससे सप्लाई-डिमांड चेन को बढ़ावा मिलेगा. इससे जल्दी खराब होने वाली उपज जैसे कि सब्जी और फलों के लिए नए बाजार मिलेंगे. इससे प्रदेश में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी.
5 एग्रो-फूड पार्क, 3 एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टर के साथ राजस्थान एग्री इंफ्रा निजी निवेश को और बढ़ावा देगा. किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उपज की बिक्री बढ़ाने के लिए जोधपुर, कोटा, गंगानगर, अलवर और हाल ही में बीकानेर सहित कई एग्रो-फूड पार्क बनाए जा रहे हैं. फूड प्रोसेसिंग को प्राथमिक देते हुए राजस्थान सरकार ने जयपुर, जोधपुर और टोंक में तीन एग्री प्रोसेसिंग क्लस्टर भी बनाए हैं.
§जयपुर में चल रहे ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल समिट में अलग-अलग सेक्टर के लिए 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश के एमओयू साइन किए गए हैं. इसमें खास बात ये है कि राजस्थान सरकार ने कृषि और इससे जुड़े सेक्टर के लिए 19500 करोड़ रुपये के एमओयू पर दस्तखत किए हैं. ‘राइजिंग राजस्थान’ के एग्रीकल्चर प्री-समिट में 862 निवेशकों ने एमओयू पर साइन किए हैं. इसमें एग्रीकल्चर मार्केटिंग, हॉर्टिकल्चर, फिशरीज, ऑर्गेनिक फार्मिंग, पशुपालन, डेयरी और कॉपरेटिव्स सेक्टर शामिल हैं.
राजस्थान कृषि प्रधान राज्य है जहां की अधिसंख्य आबादी खेती-बाड़ी पर आश्रित है. यह प्रदेश सरसों, ज्वार, तिलहन की पैदावार में नंबर वन है. इन फसलों की खेती से यहां के किसान अच्छी कमाई लेते हैं. इसके अलावा राजस्थान में दूध, मोटे अनाज, अनाज, मूंगफली, सोयबीन, चना और दालों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है. ऐसे में कृषि क्षेत्र में हुए निवेश से यहां न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे बल्कि किसानों की भी खुशहाली आएगी.

