֍:पराली मामले में एक्शन §ֆ:इसी क्रम में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने राज्य में पराली जलाने वाले 418 किसानों के खिलाफ मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल के रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज की हैं. रेड एंट्री होने से ये किसान दो सीजन तक राज्य की अनाज मंडियों में एमएसपी पर अनाज नहीं बेच सकेंगे. विभाग के संयुक्त निदेशक जगमिंदर सिंह नैन ने कहा, ”नियमों का उल्लंघन करने वाले 418 किसानों के रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज की गईं हैं. इनमें से 192 किसानों पर एफआईआर भी दर्ज की गई है और कुल 8.45 लाख रुपये के चालान बनाए गए हैं.”
§֍:इन जगहों पर लगाया गया जुर्माना§ֆ:रिपोर्ट के मुताबिक, कैथल में 63 किसानों पर 1.60 लाख रुपये, कुरुक्षेत्र में 60 किसानों पर 1.5 लाख रुपये, करनाल में 41 किसानों पर 1.12 लाख रुपये, अंबाला में 46 किसानों पर 1.05 लाख रुपये, फतेहाबाद में 22 किसानों पर 55,000 रुपये, हिसार में नौ किसानों पर 22,500 रुपये, जींद में 39 किसानों पर 95,000 रुपये, पंचकूला में पांच किसानों पर 12,500 रुपये, पानीपत में आठ किसानों पर 20,000 रुपये, सिरसा में पांच किसानों पर 12,500 रुपये और यमुनानगर में 10 किसानों पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
§ֆ:वहीं, पराली जलाने की घटनाएं न रोक पाने वाले सरकारी कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की गई है. विभाग की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत 26 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है. इनमें से कुरुक्षेत्र जिले के कृषि, पंचायती राज और पुलिस विभाग के 19 कर्मियों के खिलाफ केस चलाने की अनुमति मांगी गई है.
§֍:AQI में दर्ज की जा रही बढ़ोतरी §ֆ:मालूम हो कि राज्य में पराली जलाने से स्थानीय स्तर पर तो प्रदूषण बढ़ ही रहा है. साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी हवा खराब हो रही है. दिल्ली में पिछले दो दिनों से एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 पार दर्ज किया जा रहा है. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश न लगाने पर पंजाब और हरियाणा सरकार की आलोचना की थी. साथ ही उनकी कोशिशों को नाकाफी बताया था. बता दें कि राज्य सरकार पराली प्रबंधन के लिए प्रति हेक्टेयर 1000 रुपये की सहायता करती है. §पराली के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए हरियाणा सरकार ने एक्शन में है. यूपी, हरियाणा और पंजाब से लगातार पराली के मामलों में इजाफा देखने को मिलता है. हालांकि सरकारों की ओर से एक्शन जारी है. एफआईआर, जुर्माना, फसल पोर्टल पर रेड एंट्री जैसी कार्रवाई के बाद भी कई जगहों पर घटनाएं रुक नहीं रही हैं.

