֍:6 फीसदी दर से बढ़ा दूध उत्पादन§ֆ:केन्द्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन ने जानकारी देते हुए बताया कि अकेले डेयरी सेक्टर ऐसा है जो राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में एक बड़े नंबर के साथ अहम रोल निभा रहा है. आज देश में आठ करोड़ से ज्यादा किसान सीधे डेयरी सेक्टर से जुडकर रोजगार पा रहे हैं. भारत आज विश्व के दूध उत्पादन में 24 फीसद का योगदान देता है. साल 2021-22 में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 444 ग्राम प्रति दिन पर पहुंच चुकी थी. साल 2022-23 में ये आंकड़ा 459 ग्राम प्रति दिन था. §֍:मीट उत्पादन में भी भारत बढ़ रहा आगे§ֆ:राजीव रंजन न जानकारी देते हुए बताया कि अंडा और मीट उत्पादन में भी देश आगे चल रहा है. भारत विश्व अंडा उत्पादन में दूसरे और मीट उत्पादन में आठवें स्थान पर है. देश में अंडा उत्पादन 2014-15 में 7.8 हजार करोड़ से बढ़कर साल 2022-23 में 14 हजार करोड़ अंडों पर पहुंच गया है. देश में अंडे का उत्पादन हर साल आठ फीसद की दर से बढ़ रहा है. 2021-22 में अंडे की प्रति व्यक्ति उपलब्धता 95 अंडे प्रति वर्ष थी, जबकि 2022-23 में 101 अंडे हो चुकी है. वहीं देश में मीट का उत्पादन 2014-15 में 61 लाख टन से बढ़कर साल 2022-23 में करीब एक करोड़ टन पर पहुंच गया है.
§भारत में कई किसान खेती के साथ पशुपालन कर रहे हैं. ऐसे में उन्हें अधिक मुनाफा होता है. इसी के चलते भारत दूध उत्पादन के मामले में विश्व में पहले नंबर पर ही नहीं है, उत्पादन बढ़ने की दर भी 5 गुना है. विश्व में कुल दूध उत्पादन 2 फीसद की दर से बढ़ रहा है, जबकि भारत में ये दर 6 फीसद है. इतना ही नहीं प्रति व्यक्ति दूध के मामले में भी भारत पहले स्थान यानि 459 ग्राम पर है. कुल सकल मूल्य वर्द्धन (GVA) में पशुधन का योगदान भी करीब 30 फीसद पर पहुंच गया है. दूध हो या फिर अंडा, मीट और चिकन सभी में तेजी के साथ बढ़ोतरी हो रही है. पोल्ट्री सेक्टर में भी भारत की रफ्तार 7 से 8 फीसद की है.

