֍:किसान संभाल रहे कार्यभार§ֆ:उत्तर प्रदेश की मेरठ में स्थित मीठेरपुर गांव के किसान मसूद अहमद बताते हैं, कि वे कई सालों से गेंदे की खेती कर रहे हैं. उन्होंने अपने खेत में कुछ इस तरह खेती का समीकरण बैठाया है कि त्योहारों के समय उनकी फसल तैयार मिलती है. इससे उनका मुनाफा कई ज्यादा बढ़ जाता है. उन्होंने बताया कि वे कई एकड़ों में गेंदे के फूल की खेती कर रहे हैं.§֍:90 रुपये तक बिक रहा फूल§ֆ:किसान मसूद अहमद ने बताया कि उनके खेत में दो किस्मों के गेंदे की खेती की जाती है. इसमें लाल गेंदा और पीला गेंदा शामिल है. उन्होंने बताया कि वे अपनी फसल स्थानीय मंडियों के साथ दिल्ली की बड़ी मंडीयों में भी बिक्री कर रहे हैं. उनकी फसल के दाम इस समय अच्छे मिल रहे हैं. लाल गेंदे की कीमत 60-70 रुपये प्रति किलो चल रही है. वहीं, पीला गेंदा 80-90 रुपये में बिक रहा है. उन्होंने फसल क्रांति को बताया कि उनकी गेंदे की खेती की तकनीक को ध्यान में रखते हुए गांव के कई किसान अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. यहां तक की जिन किसानों के पास कम जमीन है, वे भी खुद का ट्रैक्टर खरीदकर मंडियों तक गेंदे की बिक्री करने जा रहे हैं.
§दिवाली के त्योहार को लेकर बाजार में तेजी से फूलों की डिमांड बढ़ रही है. ऐसे में किसानों के चेहरे पर खुशी दिख रही है. किसानों को गेंदे के फूल की खेती से अच्छा मुनाफा हो रहा है. मेरठ के किसान मसूद अहमद का कहना है कि दिवाली के समय फूलों के दाम और डिमांड बढ़ जाती हैं. इसी दौरान सबसे ज्यादा मुनाफा होता है. अभी मंडियों में हमारे कलकत्तई गेंदे की डिमांड तेजी पर है.

