֍:राजस्थान में दो घंटे की अनुमति§ֆ:राजस्थान सरकार ने आतिशबाजी की गाइडलाइन में बताया कि दीपावली पर दो घंटे तक पटाखे फोड़ सकेंगे. वहीं, नए साल और क्रिसमस के लिए नियम बनाए गए हैं. इस बार लोग सिर्फ दीपावली पर रात 8 बजे से लेकर रात 10 बजे तक ही आतिशबाजी-पटाखे जला सकेंगे. राज्य के पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से जारी आदेश में अलवर, भरतपुर के अलावा एनसीआर वाले क्षेत्रों में सिर्फ ग्रीन पटाखे और आतिशबाजी ही की जा सकेगी. नियमों का उल्लं घन करने पर बिक्री करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई भी की जाएगी.§֍:बिहार के इन जिलों में पटाखे बैन§ֆ:बिहार क पटना, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर और गया के शहरी इलाकों में पटाखे आतिशबाजी जलाने और बेचने पर प्रतिबंध लगाया गया है. आदेश के मुताबिक ये चार शहर ‘नॉन-अटेनमेंट शहरों’ की श्रेणी में आते हैं, जिसका मतलब है कि इन शहरों में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार राष्ट्रीय मानकों के मुताबिक एयर क्वामलिटी खराब है. वहीं, राज्यॉ के अन्य शहरों में ग्रीन या इको-फ्रेंडली पटाखे जलाए जा सकेंगे. प्रशासन ने यह फैसला वायु प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित रखने के लिए लिया है. §֍:झारखंड-कर्नाटक में भी जारी हुई गाइडलाइन§ֆ:झारखंड में भी पॉल्यू.शन कंट्रोल बोर्ड ने दीपावली और छठ के अवसर पर पटाखों-आतिशबाजी के लिए गाइडलाइन जारी की है. दीपावली पर सिर्फ रात 8 बजे से रात 10 बजे के बीच समय दिया गया है. छठ पर भी इसी तरह नियम लागू रहेंगे. वहीं कर्नाटक में भी राज्ये की कांग्रेस सरकार ने दीपावली के मौके पर सिर्फ दो घंटे पटाखे चलाने की अनुमति दी है. वहीं विपक्षी दल भाजपा ने इस पर सरकार की आलोचना की है.§दिवाली का त्योहार अब नजदीक है. इसी के टलते राज्यों की सरकारों ने पटाखों और आतिशबाजी को लेकर गाइडलाइन जारी की है. दिल्ली-एनसीआर में ठंड की शुरुआत होते ही तापमान में गिरावट, और हवा दूषित होने लग जाती है. इससे एक्यूआई लेवल बढ़ जाता है. ऐसे में पटाखों और आतिशबाजी पर बैन है, जो कि 1 जनवरी, 2025 तक रहेगा. दिल्लीर के निकटवर्ती राज्यय हरियाणा, पंजाब में पराली धान की जलाने से भी प्रदूषण बढ़ जाता है.

