֍:सरकार पर हमला§ֆ:राज्य सरकार को लेकर किसानों ने कहा कि पूरे प्रदेश में किसान परेशान हैं. उनकी बात नहीं सुनी जा रही. किसान अनाज लेकर भटक रहे हैं, लेकिन उसकी खरीद नहीं हो रही है. यहां तक कि अनाज के रेट का भी मुद्दा बहुत बड़ा है. इन सभी बातों पर किसानों ने सरकार से गौर करने के लिए कहा और उनकी समस्याओं को निपटाने का आह्वान किया. आज के विरोध प्रदर्शन की वजह से अंबाला-चंडीगड़ हाईवे पर लंबा जाम लग गया और गाड़ियों की लंबी कतारें देखी गईं. किसानों को हाईवे पर ट्रैक्टर लेकर पहुंचते देखा गया. किसान झंडा और बैनर लिए हाईवे पर डटे रहे और नारेबाजी करते रहे. विरोध प्रदर्शन की वजह से हाईवे पर रोडवेज की बसें फंसी रहीं. §֍:किसान नेता ने लगाए आरोप§ֆ:किसान नेता करण सिंह ने बताया कि इस बार के धान सीजन में जो काम हो रहा है, वैसा पहले कभी नहीं हुआ. धान के दाने काले पड़ रहे हैं. 25 सितंबर से मंडियों में अनाज गिरी है, लेकिन अभी तक खरीद नहीं हुई. आम तौर पर एक अक्टूबर से धान की खरीद शुरू हो जाती है, लेकिन आज 25 तारीख तक खरीद नहीं हो सकी है. अभी तक मंडी में धान की न खरीद शुरू हुई, न तौलाई और न उठाई हो सकी है. मंडी में किसान बहुत परेशान हैं क्योंकि उनपर 200 रुपये का कट लगाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि किसानों को बहुत परेशानी है और सरकार ने किसानों का बेड़ागर्क कर दिया है.
§पंजाब में स्थित अंबाला-चंडीगढ़ हाइवे पर किसानों का प्रदर्शन देखने मिला. किसान संगठनों द्वारा इसके लिए पहली ही ऐलान किया गया था. किसानों ने 11 बजे से लेकर 3 बजे तक जाम का ऐलान किया. इस दौरान किसान बड़ी संख्या में हाईवे पर डटे रहे. किसानों की शिकायत है कि सरकार धान की खरीद और उठान में तेजी नहीं ला रही है जिससे उन्हें परेशानी हो रही है. किसानों ने आज चार घंटे हाईवे को जाम रखा और कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं, या स्थिति में कोई सुधार होता नहीं दिखता है तो वे हमेशा के लिए हाईवे को बंद करने के लिए मजबूर होंगे.

