֍:जानें डिटेल§ֆ:पशु जनगणना को लेकर बताया गया कि इसके आंकड़े 2025 में जारी कर दिए जाएंगे. वहीं, इस दौरान जनगणना पर कुल 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे. करीब एक लाख लोग देशभर में पशु जनगणना करेंगे. ये पशु जनगणना 25 अक्टूबर से 25 फरवरी 2025 तक जारी रहेगी. इसमें गाय की 53 नस्लों की गिनती, भैंस की 20 नस्लों की गिनती, भेड़ की 45 नस्लों की गिनती, बकरी की 39 नस्लों की गिनती, घोड़ों की आठ नस्लों की गिनती, गधों की तीन नस्लों की गिनती, सूअर की 14 नस्लों की गिनती, कुत्तों की तीन नस्लों की गिनती, मुर्गे की 20 नस्लों की गिनती और बत्तख की तीन नस्लों की गिनती होगी. इसमें मेल और फीमेल के आधार पर गिनती होगी. बता दें कि छुट्टा गाय और स्ट्रीट डॉग पहली बार गणना में शामिल होंगे. §देश में 21वीं पशु जनगणना की शुरुआत हो गई है. यह पहली बार मोबाइल ऐप के माध्यम से होने जा रही है. इसको लेकर बताया गया कि केवल चार महीने में जनगणना को पूरा करने का टार्गेट है. इस पशुगणना की एक और खास बात ये है कि इसमे पहली बार छुट्टा जानवर जैसे गाय और कुत्तों को भी शामिल किया जा रहा है. शुक्रवार को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान केन्द्रीय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने इसकी शुरुआत की. मोबाइल ऐप से होने वाली गणना के बारे में उन्होंने कहा कि इससे आंकड़े बहुत सटीक आएंगे, जिसका फायदा ये होगा कि डेयरी प्रोडक्ट की एक्सपोर्ट पॉलिसी और पशुओं की बीमारियों को कंट्रोल करने के लिए बनने वाली योजनाओं के लिए रास्ता आसान हो जाएगा.

