֍:बढ़ा बीमारियों का खतरा§ֆ:दिल्लीवासियों का वायु प्रदूषण को लेकर कहना है कि मौसम बदल रहा है. अब ठंड का आगाज हो गया है. इसी के साथ दिल्ली में वायु खराब हो रही है, इससे कई बीमारियां भी फैल सकती है. रोकथाम के लिए मास्क पहनना जरूरी है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचा AQI स्वस्थ लोगों को प्रभावित कर सकता है और मौजूदा बीमारियों से पीड़ित लोगों को और ज्यारदा नुकसान पहुंचाकर गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है. लंबे समय तक ‘खराब’ श्रेणी के AQI के संपर्क में रहने पर ज्याभदातर लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है. वहीं, ‘बहुत खराब’ श्रेणी में सांस से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं. §֍:यूपी की बसों से हो रहा प्रदूषण §ֆ:दिल्ली सीएम आतिशी ने प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए राजधानी में कई इलाकों में दौरा शुरु कर दिया है. वायु श्रेणी में खराबी को लेकर उनका कहना है कि दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए काम किया जा रहा है. हमने 99 टीमें बनाई हैं, जो पूरी दिल्ली में धूल नियंत्रण के लिए काम कर रही हैं. 325 से ज़्यादा स्मॉग गन तैनात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पीडब्ल्यूडी और एमसीडी ने दिल्ली में प्रदूषण से पार पाने के लिए अपने सभी संसाधन लगा दिए हैं.§ֆ:सीएम आतिशी ने कहा कि आनंद विहार इलाके में खराब AQI का मुख्य कारण उत्तर प्रदेश से आने वाली बसें हैं और इस बारे में यूपी सरकार से चर्चा की जानी चाहिए. उन्होंने यमुना नदी के बढ़ते प्रदूषण स्तर पर भी यूपी की भूमिका बताई. कहा कि हरियाणा और यूपी अपने अनुपचारित अपशिष्टों को यमुना में छोड़ देते हैं.§राजधानी दिल्ली में हर साल ठंड के मौसम में वायु प्रदूषण बढ़ जाता है. इससे जनता को खासा तकलीफ उठानी पड़ती है. ऐसे में इस साल भी वायु प्रदूषण की हालत देखते हुए लोगों को बीमारियों का डर सता रहा है. बता दें कि अक्टूबर की शुरुआत से ही दिल्ली-एनसीआर में AQI गंभीर स्तर पर पहुंच रहा है. द्वारका सेक्टर-8 में AQI 311 दर्ज किया गया, जो कि खराब वायु की श्रेणी में आता है. ITO में AQI 232 यानी ‘खराब’ श्रेणी में देखा गया. जहांगीरपुरी में AQI 350, नेहरू पार्क और आसपास के इलाकों में AQI 254 पर दर्ज किया गया.

