֍:आदिवासी बनेंगे स्वयंसेवक§ֆ:8वें दीपोत्सव की तैयारियों में जिला प्रशासन अयोध्या में मौजूद डॉ राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय में भी अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की है. सरकार की ओर से बताया गया कि इस साल दीपावली के अवसर पर अयोध्या में दीपोत्सव की रंगत कुछ खास होगी. इसके लिए झारखंड के 150 आदिवासी भी पहुंच रहे हैं. ये आदिवासी स्वयंसेवक के रूप में अयोध्या के घाटों पर जुटेंगे और दीप सजा कर उन्हें प्रज्वलित करने की अहम भूमिका का निर्वाह करेंगे.§֍:90 हजार लीटर तेल का होगा इस्तेमाल§ֆ:दीपोत्सव के नोडल ऑफिसर डॉ एसएस मिश्र ने बताया कि राम की पैड़ी पर दीपोत्सव आयोजित किया जाता है. राम की पैड़ी पर आयोजन की तैयारियों में स्थानीय नागरिकों को भी शामिल करने की योजना बनाई गई है. उन्होंने बताया कि इसके लिए राम की पैड़ी पर चौड़े प्लेटफॉर्म वाली सीढियां बनाई जा रही हैं. जिससे इसका आकार स्टेडियम की तरह उभरकर सामने आएगा. उन्होंने कहा कि इस साल दीपोत्सव में 90 हजार लीटर सरसों का तेल प्रयोग में आने का अनुमान है. इन संसाधनों का इंतजाम होने के बाद 25 अक्टूबर से स्वयंसेवक राम की पैड़ी के घाटों पर दीये सजाने का काम शुरू कर देंगे.§अयोध्या में हर साल दीवाली के दौरान कुछ न कुछ खास किया जाता है. इस साल अयोध्या में 25 लाख दीपक जलाकर विश्व रिकॉर्ड कायम किया जाएगा. इस साल के आयोजन में स्पेशल गेस्ट के तौर पर झारखंड से 150 आदिवासियों को आमंत्रित किया है. दीपोत्सव में दीप सजाने और जलाने के लिए आदिवासियों का अयोध्या पहुंचना शुरू हो गया है. अयोध्या में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में 8वें दीपोत्सव के आयोजन की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं.

