ֆ:इस संदर्भ में कृषि विज्ञान केंद्र, दिल्ली के द्वारा खेतीबाड़ी में अत्याधुनिक तकनीक, विशेषकर ड्रोन का इस्तेमाल कैसे करें, को लेकर किसानों को जागरूक करने का अभियान के रुप में प्रदर्शनों का आयोजन किया है।
इस क्रम में नजफगढ़ क्षेत्र के रेवला खानपुर एवं पंडवाला खुर्द गांव में कृषि विज्ञान केंद्र के विज्ञानी पहुंचे और ग्रामीणों को ड्रोन का इस्तेमाल कैसे करें, इसे लेकर जागरूक किया एवं गोभी, बैंगन एवं ब्रोकोली की फसल पर 105 एकड़ में प्रदर्शनों का आयोजन किया गया। इस क्रम में प्रदर्शनों के नजदीक गांवों के किसानों को ड्रोन संचालन से जुड़े तमाम पहलुओं से अवगत कराया। इस दौरान दिल्ली क्षेत्र के अनेकों किसानों ने इस प्रयोग को प्रदर्शनों के माध्यम से देखा। इस अवसर पर केंद्र के प्रमुख डा. देवेंद्र राणा, वैज्ञानिक राकेश कुमार सहित अनेक किसानों ने भागीदारी कीं।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को बताया कृषि में ड्रोन के उपयोग से खेती में किसानों की मेहनत और समय दोनों, की बचत करता है। कृषि ड्रोन का काम खेतों में खाद का छिड़काव करना, फसलों से संबंधित दवाओं के छिड़काव करना होता है। यह बड़े से बड़े खेत में इन सभी का छिड़काव को बहुत ही कम समय में कर देता है, जिससे किसान का काम सरल हो जाता है। इस अभियान के अन्तर्गत 105 एकड़ में प्रदर्शनों का आयोजन किया गया।
§कृषि विज्ञान केंद्र, उजवा, दिल्ली के द्वारा खेतीबाड़ी में किसान अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर सकें, इसके लिए संसाधन उपलब्ध कराने के साथ उनका इस्तेमाल करने के संबंध में प्रदर्शन का आयोजन भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ’’ड्रोन परियोजना’’ किया गया।

