֍:48 घंटों में होगा भुगतान§ֆ:किसानों की उठान और भुगतान की समस्या को लेकर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए. सभी भुगतान खरीद के 48 घंटे के भीतर किए जाएंगे. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मंडियों में बारदाना की कोई कमी नहीं है, जिससे किसानों को परेशानी से मुक्ति मिलेगी. डीसी ने इस अवसर पर मौजूद कुछ किसानों से बातचीत भी की और किए गए प्रबंधों के बारे में उनकी प्रतिक्रिया ली. §֍:गोदामों में नहीं है जगह§ֆ:शुक्रवार को सामने आया कि पंजाब के गादामों में नई उपज को रखने के लिए जगह तक नहीं है. ऐसे में चावल मिलर्स ने भारतीय खाद्य निगम के पास चावल पहुंचाने के लिए जगह की कमी का मुद्दा फिर से उठाया है. पंजाब की मंडियों में करीब 190 लाख टन (एलएमटी) धान आएगा. इससे 125 लाख टन चावल का उत्पादन होगा. जबकि, एफसीआई के गादामों में पहले से ही चावल, गेहूं सहित अन्य फसलों का स्टॉक भरा पड़ा है. इसलिए चावल मिलर्स की भी चिताएं बढ़ती जा रही हैं.§पंजाब में एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी लुधियाना में स्थित है. यहां शनिवार को लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर जितेंद्र जौरवार ने दौरा किया. साथ ही 1 अक्टूबर से अपनी उपज लेकर आने वाले किसानों के लिए की गई व्यावस्थाओं की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को खरीद कार्यों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

