• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
Advertisement
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result
Home कृषि समाचार

किसानों को बीज मुहैया कराएगी योगी सरकार, नहीं रहना पड़ेगा निर्भर

Fiza by Fiza
September 30, 2024
in कृषि समाचार
0
किसानों को बीज मुहैया कराएगी योगी सरकार, नहीं रहना पड़ेगा निर्भर
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

֍:खाद्यान्न और दूध उत्पादन में यूपी नंबर 1§ֆ:भारत में उत्तर प्रदेश में कृषि योग्य भूमि का 166 लाख हेक्टर रकबा है, जो कि देश में सर्वाधिक है. प्रदेश के करीब 3 करोड़ परिवारों की आजीविका कृषि पर निर्भर हैं. उत्तर प्रदेश खाद्यान्न और दूध के उत्पादन में देश में नंबर एक, फलों और फूलों के उत्पादन में दूसरे और तीसरे नंबर पर है. बीज के लिए प्रदेश को दूसरे राज्यों से मांग करनी पड़ती है. जिससे हर साल करीब 3000 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं. आंकड़ों के अनुसार गेहूं के 22 फीसदी, धान के 51 फीसदी, मक्का के 74 फीसदी, जौ के 95 फीसदी, दलहन के 50 फीसदी और तिलहन के 52 फीसदी बीज गैर राज्यों से आते हैं.§֍:सरकार की पांच पार्क बनाने की योजना§ֆ:योगी सरकार ने बीज उत्पादन की एक व्यापक योजना तैयार की है. इसके तहत प्रदेश के नौ कृषि जलवायु क्षेत्रों में होने वाली फसलों के मद्देनजर पांच बीज पार्क (वेस्टर्न जोन, तराई जोन, सेंट्रल जोन, बुंदेलखंड और ईस्टर्न जोन) पीपीपी मॉडल पर बनाए जाएंगे. हर पार्क का रकबा न्यूनतम 200 हेक्टेयर का होगा. कृषि विभाग के पास बुनियादी सुविधाओं के साथ ऐसे छह फार्म उपलब्ध हैं. इसमें से दो फार्म 200 हेक्टेयर, दो फार्म 200 से 300 और दो फार्म 400 हेक्टर से अधिक के हैं. राज्य सरकार इनको इच्छुक पार्टियों को लीज पर दे सकती है.§֍:बीज अनुपलब्धता यूपी किसानों की प्रमुख समस्या§ֆ:उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक सिंचित रकबे की बात करें तो प्रति हेक्टेयर प्रति कुंतल उपज के मामले में अभी भी राज्य पीछे है. साथ ही क्वालिटी के बीजों की अनुपलब्धता भी एक प्रमुख वजह है. विभागीय आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में गेहूं का प्रति हेक्टेयर प्रति कुंतल उत्पादन 26.75 कुंतल है, जबकि पंजाब का सर्वोच्च 40.35 कुंतल है. इसी तरह धान का उत्पादन 37.35 कुंतल है, जबकि हरियाणा का 45.33 कुंतल है. अन्य राज्यों की तुलना में इसी तरह का अंतर चना और सरसों के उत्पादन में भी है. §उत्तर प्रदेश में किसानों को गुणवत्ता वाले बीज के लिए दूसरे राज्यों से खरीदी करनी पड़ती है. लेकिन अब योगी सरकार ने किसानों को बड़े पैमाने पर राज्य में ही बीज उत्पादन की रणनीति तैयार की है. इससे किसानों को अच्छे उत्पादन के लिए राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हो जाएंगे. जिससे किसानों को लाभ होगा. ऐसे में उन्हें किसी प्रकार के फर्जीवाड़े का भी डर नहीं होगा.

Previous Post

राकेश टिकैत ने कंगना के बयानों को लेकर जेपी नड्डा को लिखा पत्र!

Next Post

लुधियाना डिप्टी कमिश्नर ने किया अनाज मंडी का दौरा, पढ़ें पूरी खबर..

Next Post
लुधियाना डिप्टी कमिश्नर ने किया अनाज मंडी का दौरा, पढ़ें पूरी खबर..

लुधियाना डिप्टी कमिश्नर ने किया अनाज मंडी का दौरा, पढ़ें पूरी खबर..

Fasalkranti

Fasal Kranti is a premier monthly agricultural magazine which publish in Hindi, Punjabi, Marathi and Gujarati languages, dedicated to Indian farmers. Fasal Kranti aims to be a premier monthly agricultural magazine in Hindi dedicated to Indian farmers of the 21st century. 

Category

  • कृषि समाचार
  • साक्षात्कार
  • सफ़लता की कहानी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Contact us

  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.