֍:किसानों ने शुरु किया विरोध प्रदर्शन§ֆ:हरियाणा में धान खरीद में देरी को लेकर राज्य की राजनीति गरमा रही है. इसी के चलते किसानों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं. बता दें, मंगलवार को यमुनानगर और कैथल में किसानों ने प्रदर्शन किया. वहीं, यमुनानगर में किसान धान लेकर लघु सचिवालय पहुंच गये और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. गुस्साए किसानों ने कैथल-दिल्ली मार्ग पर चक्का जाम भी किया. देरी के मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय किसान कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग पूनिया ने ट्विट किया कि मंडियों में खरीद न होने के कारण किसान एमएसपी से कम रेट पर धान बेचने के लिए मजबूर है और कृषि मंत्री एमएसपी को मजबूत करने के जुमले फेंक रहे हैं. §֍:चुनाव में उठ सकते हैं ये मुद्दे§ֆ:खरीद में देरी को लेकर भाकियू के नेता तेजवीर सिंह ने कहा कि किसान मंडियों में धान लेकर आ रहे हैं लेकिन खरीद नहीं हो रही है. 23 सितंबर से धान की खरीद शुरू होनी थी जिसे बढ़ाकर 1 अक्टूबर कर दिया है. आगामी 3 अक्टूबर को रेल रोको आंदोलन की तैयारी संगठन द्वारा चल रही है. गौरतलब है कि 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी कांड की बरसी है. जबकि 5 अक्टूबर को हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा. इससे बीच धान खरीद का मुद्दा कृषि प्रधान हरियाणा के सियासी मूड पर बड़ा असर डाल सकता है.§हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए अब कुछ ही दिन बाकी हैं. इसी बीच धान की सरकारी खरीद में देरी और कीमतों में गिरावट का मुद्दा गरमा रहा है. दरअसल, राज्य में धान की सरकारी खरीद 23 सितंबर से शुरू होनी थी मगर सरकार ने एक अक्टूबर से खरीद शुरू करने का फरमान जारी किया है. इसके पीछे राज्य में अधिक बारिश को वजह बताया जा रहा है. राज्य में धान का भाव पिछले साल के मुकाबले 500-700 रुपये नीचे आ गए हैं. सरकारी खरीद शुरू न होने से किसानों को कम भाव पर धान बेचना पड़ रहा है.

