֍:कितनी तीव्रता है खतरनाक?§ֆ:रिक्टर स्केल से भूकंप की तीव्रता का पता चलता है. आइए आपको बताते हैं कि किस पैमान पर सबसे ज्यादा खतरा होता है..
– 1 से 1.9 की तीव्रता वाले भूकंप का पता सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही चलता है.
– 2 से 2.9 की तीव्रता का भूकंप आने पर हल्का कंपन होता है.
– 3 से 3.9 की तीव्रता का भूकंप आने पर ऐसा लगता है जैसे मानो बगल से कोई ट्रक गुजर गया हो.
– 4 से 4.9 की तीव्रता के भूकंप में खिड़कियां टूट सकतीं हैं. दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं.
– 5 से 5.9 की तीव्रता वाले भूकंप में घर का फर्नीचर हिल सकता है.
– 6 से 6.9 की तीव्रता वाला भूकंप इमारतों की नींव को दरका सकता है, ऊपरी मंजिलों को नुकसान पहुंच सकता है.
– 7 से 7.9 की तीव्रता का भूकंप आने पर इमारतें ढह जातीं हैं. जमीन के अंदर पाइप लाइन फट जातीं हैं.
– 8 से 8.9 की तीव्रता के भूकंप में इमारतों के साथ-साथ बड़े-बड़े पुल भी गिर सकते हैं.
– 9 या उससे ज्यादा की तीव्रता का भूकंप आने पर जमकर तबाही मचती है. कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती हिलती हुई दिखाई देगी. समंदर नजदीक हो तो सुनामी आ सकती है.
§दिल्ली-एनसीआर में आज यानि बुधवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए. इसको लेकर बताया गया कि भूकंप का केंद्र पाकिस्तान में था. इस्लामाबाद और लाहौर में भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.8 दर्ज की गई. भूकंप के झटके उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और जम्मू कश्मीर में भी महसूस किए गए हैं. ये भूकंप इस महीने में दूसरी बार आया है. हालांकि, केंद्र अलग जगह पर बना है.

