֍:क्यों किसान कर रहे धान की खेती?§ֆ:राज्य सरकार धान की फसल की जगह किसानों को बाजरा, दलहन और तिलहन की खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. इसीलिए किसानों को दलहन बीज भी प्रदान किए जा रहे हैं. इसके बावजूद किसानों का धान की खेती से नहीं हट पा रहे हैं. यही वजह है कि दलहन और तिलहन की बुवाई सीजन के लिए निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 89 प्रतिशत और 71 प्रतिशत पूरी हो सकी है. विशेषज्ञों के अनुसार छत्तीसगढ़ में किसान अभी भी उच्च दरों के कारण धान की खेती करना पसंद कर रहे हैं. §֍:सीएम ने की प्रोत्साहन की घोषणा§ֆ:छत्तीसगढ़ के मख्यमंत्री विष्णु देव साई की ओर से सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य के अलावा, प्रोत्साहन की घोषणा की है. इससे राज्य में प्रति क्विंटल धान की कीमत 3,100 रुपये हो गई है. छत्तीसगढ़ देश के उन चंद राज्यों में शामिल है जो किसानों से एमएसपी पर धान खरीदते हैं. वहीं, राज्य सरकार धान खरीदने के लिए गांव स्तर पर बना गए प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के माध्यम से इस प्रक्रिया को अंजाम देती है. छत्तीसगढ़ में धान की खरीद आम तौर पर नवंबर में शुरू होती है और जनवरी के अंत तक जारी रहती है. अधिक कीमत को देखते हुए, पिछले खरीफ विपणन सत्र में राज्य द्वारा संचालित खरीद केंद्रों में धान की आवक बढ़ गई. पिछले साल 130 लाख टन के लक्ष्य के मुकाबले, छत्तीसगढ़ ने 2023-24 के खरीफ विपणन सत्र में 24 लाख किसानों से 147 लाख टन धान खरीदा. §भारत में कई सालों से पारंपारिक खेती की जाती आ रही है. इसी के चलते छत्तीसगढ़ के किसान धान के रकबे में आगे बढ़ते जा रहे हैं. राज्य की सरकार ने इस साल धानकी बुवाई के लिए रकबे का टार्गेट 38.6 लाख हेक्टेयर में रखा गया था. जिसको लेकर किसान काफी खुश हैं और फसल को लेकर अच्छी कीमतों की आशा कर रहे हैं.

