֍:बिना जमीन वाले किसानों को भी मिलेगा लाभ§ֆ:राज्य और केंद्र की कई योजनाओं से किसानों को पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता. इसके लिए राज्य सरकार अब लीज पर जमीन में खेती करने वाले किसानों के लिए भी योजना चला रहे हैं. इसमें किसान किसान कॉन्ट्रैिक्टर बनाकर लाभ ले सकते हैं. इसमें आवेदक का नाम, भूमि-स्वामित्व या राजस्व रसीद में साफ नहीं है तो अनिवार्य रूप से भूमि-स्वामित्व या राजस्व रसीद के साथ वंशावली लगाकर आवेदन कर सकते हैं. सब्सिडी की राशि डीबीटी के तहत सीधे लाभार्थी के खाते में आएगी. इच्छुक किसान आवेदन से पहले डीबीटी में रजिस्टकर्ड बैंक खाते से जुड़ी जानकारी की जांच खुद कर सकते हैं. जिसके बाद लाभार्थिइयों का चयन श्रेणी के आधार पर किया जाएगा. इसमें 78.56 फीसदी सामान्या वर्ग की हिस्सेादारी होगी. वहीं , अनुसूचित जाति 20 फीसदी और अनुसूचित जनजाति की भागीदारी 1.44 प्रतिशत होगी.§֍:ऐसे करें आवेदन§ֆ:इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान को बिहार सरकार की उद्यान निदेशालय वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है. भूमिहीन किसान इस पोर्टल से एकरारनामा का फॉर्मेट भी निकाल सकते हैं. पोर्टल पर किसान अलग-अलग योजनाओं में आवेदन अलग से कर सकते हैं. बता दें कि प्रदेश में 23 जिलों पटना, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, पूर्वी चम्पारण, गया, अररिया, भागलपुर, दरभंगा,जमुई, कटिहार, मुजफ्फरपुर, नालन्दा, पूर्णिया, रोहतास, सहरसा, समस्तीपुर, वैशाली, पश्चिमी चंपारण, खगड़िया, किशनगंज, मधुबनी और मुंगेर में केला का क्षेत्र विस्तार किया जाएगा.§भारत में किसानों को बागवानी खेती की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है. इसी के चलते बिहार सरकार ने किसानों को फूलों और फलों की खेती करने पर सब्सिडी मुहैया कराने के लिए योजना तैयार की है. इसमें राज्य सरकार पपीते और गेंदे की खेती पर 70 फीसदी तक का अनुदान दे रही है. बता दें कि अनुदान का लाभ उठाने के लिए किसान के पास कम से कम 0.25 एकड़ से 10 एकड़ तक की जमीन होनी चाहिए. इसी के साथ बिना खेत वाले किसान लीज के खेत पर योजना का लाभ ले सकते हैं.

