֍:क्या है लंपी वायरस?§ֆ:लंपी वायरस जानवरों में फैलने वाली एक संक्रामक बीमारी है. ये ज्यादातर गाय और भैंस में होती है. जो कि एक कीड़े के काटने की वजह से शुरु होती है. इसकी सही समय पर रोकथाम न की जाए तो जानवर की जान भी जा सकती है. ऐसेमें पशु की देखभाल करना काफी जरूरी होता है. ये वायरस कई सालों से भारतीय पशुपालकों को परेशान कर रहा है. जिससे हर साल कई जानवरों की मृत्यु भी हो जाती है.§֍:जानें क्या हैं लक्षण? §ֆ:अगर आपके जानवरों को बहुत तेज बुखार, नाक मुंह और आंखों से पानी गिरे, जानवर को चारा खाने में परेशानी होती हो, मुंह में छाले हों, दूध उत्पादन में कमी आए या शरीर में सूजन दिखे तो समझ जाइए कि जानवर लंपी वायरस का शिकार हो गया है. ऐसे में जानवर अगर बच्चा देने वाला है, तो उसका एबॉर्शन भी हो सकता है. साथ ही अगर बच्चात पैदा भी होता है तो वह काफी कमजोर होता है.§֍:ऐसे करें रोकथाम§ֆ:इस संक्रमित बीमारी से पशु को बचाने के लिए 10 मिली नीमबोली का तेल, 10 मिली यूकेलिप्टेस ऑयल, दो ग्राम सोप पाउडर को एक लीटर पानी में मिला लें और जानवर को इस पानी से नहलाएं. आप 5 फीसदी नीमबोली का रास भी प्रयोग कर सकते हैं. यह बीमारी एक कीड़े से फैलती है तो ऐसे में यह बहुत जरूरी हो जाता है कि उनकी रोकथाम के उपाय किए जाएं. मादा जानवर का खून पीने के बाद जब पिस्सूै जमीन पर गिरता है तो अंधेरी जगहों पर अपने अंडे देता है. इसलिए जानवरों को साफ रखा जाए.§भारत में पशुपालन तेजी से किसानों के बीच बढ़ रहा है. लेकिन उन्हें इस बिजनेस की शुरुआत में आने वाली मुश्किलों के बारे में नहीं पता होता. बता दें कि बारिश और सर्दियों के मौसम में जानवरों के बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है. इस दौरान उनकी देखभाल करना बेहद जरूरी हो जाता है. ऐसे में आज आपको बताएंगे लंपी वायरस के लक्षण और इससे निजात पाने के तरीके. पढ़ें पूरी खबर…

