֍:ऐसे पकड़ी गड़बड़ी§ֆ:केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ परिवार के एक व्यक्ति को दिया जाता है. लेकिन जन वितरण प्रणाली के अंतर्गत लाभ ले रहे लाभार्थियों के राशन कार्ड से लिंक आधार से वन-टू-वन मिलान करने पर पाया गया कि परिवार के एक से अधिक व्यक्ति इस योजना का लाभ ले रहे हैं. बता दें कि राज्य में 53 लाख 10 हजार 72 ऐसे राशनकार्डधारी हैं. इनसे जुड़े परिवार के 66 लाख 59 हजार 871 व्यक्ति प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे हैं. यह नियम के खिलाफ हो रहा है.§֍:कृषि सचिव के पत्र में कही गई ये बात§ֆ:कृषि सचिव के अनुसार अभी तक 17 किस्तों का भुगतान हो चुका है. जिसके बाद अब सभी जिलों के डीएम को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि अगली किस्त की राशि अपात्र के खाते में नहीं जाए. इसके लिए एक-एक परिवार का सत्यापन कराया जाए. इसी के साथ यह भी सुनिश्चित हो कि केवल पात्र लाभार्थियों को ही अगली किस्त की राशि मिले.§֍:इन जिलों में मिले अधिक मामले§ֆ:कृषि सचिव की ओर से भेजे गए आंकड़ों में अपात्रों की संख्या मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण में अधिक बताई गई है. जिसमें मुजफ्फरपुर में 3 लाख 6 हजार 707 परिवारों के तीन लाख 63 हजार 119 व्यक्ति यह लाभ ले रहे हैं. इस तरह से यहां करीब 57 हजार अपात्रों के खाते में राशि जा रही है.
§प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को लेकर बिहार में गड़बड़ी सामने आई है. जिसके बाद अब बिहार के 13 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि के 200 रुपये की धनराशि नहीं मिल सकेगी. केंद्र सरकारी की जांच में सामने आया कि बिहार में किसान सम्मान निधि के आपत्रों को प्रतिवर्ष 780 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है. इसको लेकर केंट्र कृषि एंव किसान मंत्रालय के पत्र के बाद कृषि विभाग सचेत हो गया है. कृषि सचिव संजय अग्रवाल ने राज्य के जिलाधिकारीयों को पत्र लिखकर लाभुकों का भौतिक सत्यापन कराने को कहा है. इससे अपात्र के खाते में जा रही राशि को रोका जा सकेगा.

