֍:क्या होता है बैल पोला दिवस?§ֆ:महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में बैलों की अहमीयत को दिखाने के लिए बैल पोला दिवस मनाया जाता है. इस दौरान बैलों को तैयार कर उनकी पूजा की जाती है. किसान बैलों की खूब सेवा करते हैं. वहीं जिन किसानों के पास बैल नहीं होते वे मिट्टी के बैलों की पूजा करते हैं. मराठवाड़ा में बैल पोला के अवसर पर बैलों की पूजा करते समय बारिश के लिए गीत भी गाया जाता है. इसके बोल “चाहुर चहुर चंग भाल, पाऊस आला घरला चला” है.§֍:किसानों को दी शुभकामनाएं§ֆ:गांव के किसानों को बधाइयां देते हुए कृषि मंत्री धनंजय मुंडे ने कहा, बैल पोला देश की समृद्ध कृषि परंपरा में बलिराजा के साथ मेहनत करने वाले बैलों के प्रति आभार व्यक्त करने का त्योहार है. इस अवसर पर हम राज्य के सभी किसानों को शुभकामनाएं देते हैं. इस मौके पर धनंजय मुंडे की मां रुक्मिणीबाई मुंडे, भाई अजय मुंडे और अभय मुंडे भी मौजूद थे.§महाराष्ट्र में राज्य के कृषि मंत्री धनंजय मुंडे सोमवार को अपने जन्मस्थान नाथारा गांव पहुंचे. यहां उन्होंने गांव का दौरा किया और बैल पोला दिवस के अवसर पर सभी को बधाइयां दीं. इस दौरान उन्होंने बैल पोला दिवस अपने परिवार के साथ मनाया. खेत में बैलों के जोड़े को ले जाकर उनकी पूजा की और बलिराजा के बैल जोड़े को पूरनपोली का प्रसाद चखाया.

