֍:क्या था मामला?§ֆ:पिछले दिनों 36 अगस्त को महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची प्रतिमा ढह गई. इसे लेकर महाराष्ट्र के लोगों में रोष पैदा हो गया. बता दें कि इस मामले को लेकर कांग्रेस की ओर से पीएं मोदी द्वारा माफी मांगने को भी कहा गया था. इसी के साथ शिवसेना ने राज्य की सरकार पर निशाना साधा था.§֍:पीएम मोदी ने कही ये बात§ֆ:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र में सभा को संबोधित करते हुए प्रतिमा के गिर जाने पर अपनी प्रतिक्रिया जनता के सामने दी. उन्होंने मामले को लेकर माफी मांगी और कहा कि जब 2013 में भाजपा ने मुझे प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया, तो मैंने सबसे पहले रायगढ़ के किले में जाकर छत्रपति शिवाजी महाराज की समाधि के सामने बैठकर प्रार्थना की और राष्ट्रसेवा की एक नई यात्रा आरंभ की थी. छत्रपति शिवाजी महाराज मेरे लिए सिर्फ नाम नहीं हैं. हमारे लिए छत्रपति शिवाजी महाराज अराध्य देव हैं. पिछले दिनों सिंधुदुर्ग में जो हुआ, मैं सिर झुकाकर मेरे अराध्य देव छत्रपति शिवाजी महाराज के चरणों में माथा रखकर माफी मांगता हूं. उन्होंने कहा, छत्रपति शिवाजी महाराज से प्रेरणा लेकर हम विकसित महाराष्ट्र-विकसित भारत के संकल्प पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. आज पालघर में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास इसी दिशा में एक ऐतिहासिक प्रयास के रूप में याद किया जाएगा.§֍:’हमारे संस्कार अलग हैं’ – पीएम मोदी§ֆ:उन्होंने कहा, “हमारे संस्कार अलग हैं. हम वो लोग नहीं हैं जो आए दिन भारत मां के महान सपूत, इसी धरती के लाल वीर सावरकर को अनाप-शनाप बोलते हैं. अपमानित करते रहते हैं. देशभक्तों की भावनाओं को कुचलते हैं”. प्रधानमंत्री ने कहा, “वे लोग वीर सावरकर को अपशब्द कहने के बाद भी माफी मांगने को तैयार नहीं हैं. उनको पाश्चाताप नहीं होता है. महाराष्ट्र की जनता उनके संस्कार को अब जान गई है.” §ֆ: §महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने को लेकर पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ कहा है. उन्होंने महाराष्ट्र के पालघर में हो रही जनसभा के आयोजन के दौरान जनता को संबोधित करते हुए शिवाजी महाराज की प्रतिमा के गिरने को लेकर बात कही है. इसको लेकर उन्होंने माफी मांगी है और इससे पहले कांग्रेस ने उनसे माफी की मांग की थी.