֍:बयान देकर पलटी कंगना रनौत §ֆ:मंडी से सांसद कंगना रनौत ने हाल ही में किसान आंदोलन की तुलना बांग्लादेश में हिंसा के हालातों से की थी. उनके इस बयान से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने असहमति जताते हुए उन्हें आगाह किया था कि वह भविष्य में इस तरह की बयानबाजी नहीं करें. कंगना रनौत ने एक वीडियो पोस्ट में बताया था कि किसान आंदोलन के दौरान लाशें देखी गईं और बलात्कार जैसी घटनाएं भी देखी गईं. कंगना ने कहा था कि अगर देश में मोदी सरकार नहीं होती तो आज बांग्लादेश जैसे हालात होते. कंगना रनौत के इस बयान पर भारी सियासी बवाल देखा जा रहा है.
§֍:बयान पर कांग्रेस का विरोध§ֆ:कांग्रेस ने इस मुद्दे को पुरजोर ढंग से उठाया है. संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कंगना के बहाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर हमला बोला. इन दोनों को किसान विरोधी बताया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की. इसके साथ ही किसान संगठनों ने भी बीजेपी पर करारा हमला बोला. किसानों ने कंगना रनौत का सार्वजनिक रूप से बहिष्कार करने की अपील की. किसान यूनियनों ने इस मामले में कंगना रनौत पर कार्रवाई करने और पीएम मोदी की तरफ से माफी मांगने की अपील की.
इसी मामले में कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि अगर उनकी सरकार आती है तो आंदोलन के दौरान मारे गए 750 किसानों को शहीद का दर्जा दिया जाएगा. सुरजेवाला ने यह भी कहा कि उनकी सरकार बनी तो वे शहीद किसानों के परिजन को सरकारी नौकरी देंगे. हरियाणा विधानसभा चुनाव को देखते हुए कंगना रनौत के बयान पर विवाद और बवाल का दौर जारी है.
§एक्ट्रेस से सांसद बनीं कंगना रनौत ने कहा है कि अभी हाल में ‘बांग्लादेश और किसानों’ के बयान पर अपनी पार्टी से उन्हें डांट पड़ी और वे भविष्य में ऐसी बातें बोलने से पहले सावधानी बरतेंगी. एक इंटरव्यू में कंगना रनौत ने ये बातें कही हैं. कंगना ने कहा, वह भविष्य में अपने शब्दों के चुनाव को लेकर अधिक सावधानी बरतेंगी. कंगना ने कहा कि मुझे इस मामले में पार्टी नेतृत्व से डांट पड़ी थी. मैं भविष्य में अपने शब्दों को लेकर अधिक सतर्कता बरतूंगी.

