֍:आपको ड्रोन दीदी योजना के बारे में किस तरह पता लगा?§ֆ:मैं हमारे जिले करनाल के विश्वास महिला स्वयं सहायता समूह के साथ जुड़ी थी. मुझे इसी समूह द्वारा ड्रोन दीदी योजना के बारे में पता चला. उन्होंने बताया कि भारत के कृषि क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. केंद्र द्वारा जारी की गई नमो ड्रोन दीदी योजना काफी अच्छी पहल है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्रामीण भारत पर ध्यान केंद्रित करते हुए महिलाओं को सशक्त बनाते हैं. इस योजना से महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने का मौका मिल रहा है. मैंने उत्सुक होकर अपना नाम से आवेदन करा दिया. बाद में, मेरा साक्षातकार हुआ और मेरा चुनाव गुड़गांव में होने वाले प्रसिक्षण के लिए हो गया.§֍:15 दिनों के प्रसिक्षण और खेतों में काम के बारे में बताएं?§ֆ:गुड़गांव के पटौदी में हमारे 15 दिनों के ड्रोन प्रसिक्षण के लिए हमसे स्नातक तक की पढ़ाई के प्रमाण पत्र और पासपोर्ट मांगा गया. दस्तावेज जमा करने के बाद हमारा ड्रोन प्रसिक्षण शुरु हो गया. 15 दिनों तक ड्रोन सीखने के बाद हमें ड्रोन चालक का सर्टिफिकेट दिया गया. एक महीने के बाद हमें लाइसेंस भी मिल गया. मैंने लाइसेंस मिलने के बाद से ही खेतों में स्प्रे करना शुरु कर दिया. काफी समय से मैं ये काम कर रही हूं और अभी तक 200 खेतों से ऊपर खेतों में स्प्रे कर चुकी हूं. अब ड्रोन की मदद से 20 एकड़ जितने खेत में भी मिनटों में स्प्रे कर देते हैं, जिसका हमें अच्छा पैसा भी मिल जाता है. §֍:महिला होने के साथ आपको किन समस्याओं का सामना करना पड़ा?§ֆ:एक तरह से देखा जाए तो हर किसी को कोई भी काम करने में मुश्किलें तो आती ही हैं. महिलाओं को कुछ ज्यादा आ जाती हैं और मर्दों को कुछ कम. मैंने शुरुआत में अपने पति से आवेदन के लिए पूछा, तो उन्होंने मना कर दिया. लेकिन मैंने अपने पति को ड्रोन दीदी योजना के बारे में जानकारी दी. उनको इस योजना के फायदों के बारे में बताया. कुछ दिनों में उन्होंने प्रसिक्षण के लिए हां कर दी. जिसके बाद मैंने अपना आवेदन किया और जरूरी कागजात जमा किए. बाद में, मेरा ड्रोन प्रसिक्षण शुरु हो गया. गांव में ड्रोन उड़ाने को लेकर लोग काफी नाराज रहते हैं. उन लोगों के हिसाब से महिलाएं ड्रोन नहीं उड़ा सकती. ये हमारा काम नहीं है, इसे केवल पुरुष ही कर सकते हैं. लेकिन गांव की हम महिलाओं ने आगे बढ़कर खुद को सशक्त और आर्थिक रूप से मजबूत किया है.§भारत सरकार ने ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बनने के लिए कई पहल की हैं. जिसके चलते हरियाणा की सैनी सरकार ने महिलाओं के लिए ड्रोन दीदी योजना के तहत कार्यशालाएं आयोजित कराई हैं, जिसमें उन्हें ड्रोन उड़ाने की जरूरी ट्रेनिंग दी जाती है. इसी के चलते फसल क्रांति ने हरियाणा के करनाल जिले में रहने वाली सीता देवी (ड्रोन दीदी) से उनकी सफलता की कहानी जानी. पेश हैं इस दौरान बातचीत के कुछ मुख्य अंश….

