ֆ:केवीके अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत ने कहा कि खेकड़ा कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित हुए इस एफपीओ मेले में मिलिट्स की खेती पर खास ध्यान दिया गया। जैसे कि साल 2023 को श्री अन्न वर्ष के रूप में मनाया गया, इसी तर्ज पर किसानों को मिलिट्स के प्रति जागरुकता अभियान को तेज किया जा रहा है। मोटे अनाज को आम लोगों तक पहुंचाने का पहला प्रयास किसान हैं। इसलिए पहले किसानों को मिलिट्स की खेती की पूर्ण जानकारी देनी पड़ेगी ताकि वो मिलिट्स की खेती में अपनी रूची को बढ़ाएं।
§ֆ:इसी संदर्भ में केवीके खेकड़ा द्वारा किसानों को जागरुक करने का प्रयास जारी है। जिसके लिए किसानों को मोटे अनाज की मिनी किट भी उपलब्ध कराई जा रही है। ताकि किसान उसकी खेती कर बाजार तक मोटे अनाज की मांग पूरी कर सकें। केवीके खेकड़ा द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भी किसानों को जागरूक किया जा रहा है। जिसमें चाहें फेसबुक हो, या व्हाट्सएप ग्रुप हो, इन सभी माध्यमों से किसानों तक सभी जानकारियां पहुंचाई जा रहीं हैं। इसके अलावा किसान केवीके के वैज्ञानिकों के साथ जुड़कर प्राकृतिक और जैविक खेती से जुड़ी जानकारियां भी हासिल कर रहे हैं. हमारे केवीके में प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित कराएं जाते हैं। ताकि हर किसान तक खेती- बाड़ी से जुड़ी नई तकनीक और जानकारी मिल सके।
§कृषि क्षेत्र में कृषि विज्ञान केंद्रों की अहम भूमिका है। भारत के अलग- अलग राज्यों में कृषि विज्ञान केंद्रों के जरिए आज लाखों किसानों को नई पहचान मिल रही है। खेती- बाड़ी से जुड़ी हर समस्या के समाधान के लिए कृषि विज्ञान केंद्र किसानों के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। इसी कड़ी में यूपी के बागपत, खेकड़ा में किसानों के लिए ‘खरीफ कृषि निवेश मेला’ का आयोजन किया गया। किसानों के लिए आयोजित इस एफपीओ मेले में वैज्ञानिकों द्वारा मिलिट्स की खेती से जुड़ी कई जानकारियां सांझा की गई। इस एफपीओ मेले के संदर्भ में फसल क्रांति के पत्रकार आर्यामन यादव ने केवीके खेकड़ा के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत से बातचीत की।

