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खरीफ के इस सीजन में कैश क्रॉप फसलों की खेती कर किसान आय करें दोगुनी: डॉ. बी.एस. तोमर

Fiza by Fiza
August 24, 2024
in साक्षात्कार
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खरीफ के इस सीजन में कैश क्रॉप फसलों की खेती कर किसान आय करें दोगुनी: डॉ. बी.एस. तोमर
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֍:1. खरीफ के सीजन में किसान किन फसलों की करें खेती ?§ֆ:खरीफ के मौसम में किसान अनेक फसलों की खेती कर सकते हैं। आज हमारे बहुत सारे प्रगतिशील किसानों ने खरीफ सीजन की सब्जियों को लगाया हुआ है। जिसमें प्रमुख रूप से बैगन की रूपाई हमारे किसान भाई कर चुके होंगे, साथ ही भिंडी अब तुड़ाई के लिए तैयार हो गई होगी। साथ ही बेल वाली फसलों की भी बिजाई हमारे किसान भाई कर रहे हैं, जिसमें लोकी, तोरई जैसी सब्जियां शामिल हैं। इसके अलावा किसान मिर्च की रूपाई कर सकते हैं, पालक की बिजाई कर सकते हैं, खरीफ ऑनियन की बिजाई भी किसान मॉनसून के इस सीजन में कर सकते हैं। यह वो सब्जियां हैं जिनकी खेती किसान खरीफ सीजन में करते हैं।

§֍:2. खरीफ के सीजन में क्रैश क्रॉप फसलों की खेती कर, कम समय में कैसे अधिक मुनाफा कमा सकते हैं किसान? §ֆ:खरीफ सीजन की मुख्य फसलों के साथ किसान सह-फसली उगाकर अपने मुनाफे को बढ़ा सकते हैं। बागवानी फसलों में अगर किसान पालक को लगाते हैं तो पालक को मेढ़ों पर लगा सकते हैं, पालक के साथ धनिया की बिजाई कर सकते हैं। साथ ही किसान मूली, साग और सरसों की बिजाई कर भी कर सकते हैं। यह फसले लगभग 40- 50 दिनों के अंदर तैयार हो जाती हैं। यह कम समय में अधिक पैदावार देने वाली और अधिक मुनाफा देने वाली फसलें हैं। आने वाले समय में यह फसले किसानों को बेहतर लाभ देगी। इसलिए जो भी किसान खरीफ के इस सीजन में कैश क्रॉप फसलों से मुनाफा कमाना चाहते हैं तो वह सह-फसली खेती का पैटर्न अपना सकते हैं।




§֍:3. मॉनसून के मौसम में किसान अपनी फसलों को कैसे सुरक्षित और संरक्षित रखें ?§ֆ:भारत में मॉनसून के प्रभाव की बात करें तो बीतों सालों में वर्षा की औसत मात्रा देखने को मिलती थी। लेकिन अब कई राज्यों में वर्षा की स्थिती में काफी परिवर्तन आया है। करीब 2-3 सालों से वर्षा अपने सामान्य स्तर से कई अधिक पड़ रही है। जिसका सबसे ज्यादा असर किसानों पर हो रहा है। इस बार ही हमने देखा कि करीब 1-2 घंटे के अंदर ही 100 एम.एम बारिश हो गई। जिससे कारण कई जगह जलभराव की स्थिती देखने को मिली। जलभराव के कारण सबसे ज्यादा असर मॉनसून की फसलों पर पड़ता है। अधिक वर्षा होने के कारण फसले खराब हो जाती हैं। ऐसी परिस्थिती से निपटने के लिए किसानों को मौसम संबंधित जानकारी हासिल करनी चाहिए। चाहे उसमें दूरदर्शन हो, पत्र-पत्रिकाएं हो, या फिर गूगल पर मौसम संबंधित जानकारी हो इन सभी माध्यमों के जरिए किसानों को यह जानना चाहिए कि अगले 24 घंटे बाद मौसम का हाल कैसा रहने वाला है। मिली जानकारी के हिसाब से ही किसान अपने कृषि कार्यों को पूरा करें। साथ ही किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए। ताकि बारिश का जमा पानी फसलों को नुकसान ना पहुंचा सके।

§֍:4. फसल क्रांति के माध्यम से आप किसान भाईयों को क्या संदेश देना चाहेंगे?

§ֆ:बागवानी फसलों की खेती किसान भाईयों को सोच समझकर करनी चाहिए। अधिक बारिश के प्रभाव से फसले खराब ना हो इसलिए वो मौसम संबंधित जानकारी लें साथ ही बाजार की चुनौतियों का ख्याल किसान भाई रखें ताकि किसानों को उनकी फसलों का सही दाम भी मिल सके।



§भारत में मॉनसून लोगों की चेहरे पर मुस्कान लाता है। खाकर किसानों की खुशहाली का दूसरा नाम ही मॉनसून को कहा जाता है। अगर अच्छा मॉनसून होता है तो खेतों में फसलों की पैदावार भी अच्छी होती है। इस मौसम में खरीफ फसलों की बुवाई की जाती है। इनमें मुख्य रूप से धान, तिलहन और दलहनी फसलें होती हैं। इसके अलावा इस मौसम में सब्जियों की खेती भी प्रमुख रूप से की जाती है, पर सभी सब्जियों की खेती इस मौसम में नहीं की जा सकती है। इसी कड़ी में फसल क्रांति की पत्रकार फिज़ा काज़मी ने बात की आईसीएआर पूसा, सब्जी विज्ञान प्रभाग के डायरेक्टर, डॉ. बी.एस.तोमर से। आइये उनसे जानते हैं किसान खरीफ के इस सीजन में किन सब्जियों की खेती कर अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।

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