֍:तना छेदक कीट§ֆ:तना छेदक कीट एक ऐसा कीट है जो फसल में पत्तियों को छेदकर अंदर घुस जाती हैं. ये सूड़ियां होती हैं, जो तना छेद कर फसल में घुसकर उसे खराब कर देती हैं. यदि इस कीट का प्रकोप पौध में हो जाए तो फसल की वृद्धि ठीक नहीं होती और बालियां भी नहीं बन पाती. इससे बचाव के लिए आपको रोपाई के समय पौध के ऊपरी भाग को काट देना चाहिए, जिससे तना छेदक के अंडे नष्ट हो जाएं. साथ ही फसल में रोपाई के 30 दिनों में ही परजीवी ट्राइकोकार्ड या ट्राइकोग्रामा जपोनिकम 40,000 से 60,000 प्रति एकड़ प्रति सप्ताह की दर से खेत में लगा दें. इससे काफी हद तक कीट नियंत्रण में आ जाएंगे.§֍:पत्ती लपेटक कीट§ֆ:ये कीट धान की फसल में मुख्य रूप से देखा जाता है. इस कीट की मादा पत्तियों की शिराओं के पास काफी सारे अंडे देती हैं. बाद में लार से पत्तियों को भी मोड़ देती हैं और फसल को अंदर से खाती हैं. इससे फसल की पत्तियों सफेद और लटकी हुई दिखती हैं. इस कीट के नियंत्रण के लिए रोपाई के 30 दिन बाद अंडा परजीवी ट्राइकोग्रामा काइलेनिस या ट्राइकोकार्ड 40 हजार से 60 हजार प्रति एकड़ हर हफ्ते में लगाएं. ये कार्य लगभग एक महीने तक करें. §֍:हरा फुदका§ֆ:ये कीट बड़े होकर हरे रंग के हो जाते हैं और पंखों पर काले धब्बे पड़ जाते हैं. इस कीट के छोटे बच्चे फसल में घुसकर उसकी पत्तियों का ररस चूस लेती हैं, जिससे पत्तियां पहले पीली और बाद में पत्थई की की हो जाती है. बाद में ये पत्तियां सूख जाती हैं. §֍:सैनिक कीट§ֆ:इस कीट की सूड़ियां भूरे रंग की होती हैं. फसल के किल्लों में घुसकर ये कीट छिप जाते हैं. इस कीट के पतंगे फसल का रस चूस लेते हैं और सूड़ियां फसल में छिपकर फसल को बर्बाद करती हैं. ये कीट शाम के समय ही अधिक्तर बाहर निकलते हैं और बालियों को छोटे-छोटे टुकड़े में काटकर नीरा गिरा देती हैं. §֍:गन्धी बग§ֆ:ये एक प्रकार का कीट है जो खेत में गंध फैला देता है, जिसकी वजह से इस कीट का नाम गन्धी कीट है. ये कीट बालियों में जगह बनाकर उसका रस चूस लेता है. जिससे फसल को काफी हनि पहुंचती है. §֍:जानें कैसे होगा खेत में लगने वाली सूड़ियों से नियंत्रण?§ֆ:फसल में सूड़ियों से निजात पाने के लिए आपको खेत से खरपतवारों को जला देना चाहिए. इसी के साथ समय से रोपाई तक फसल की निगरानी करनी चाहिए. अगर आपकी फसल के आस पास दीमक बाहुल्य क्षेत्र है तो कच्चे गोबर को खेत से दूर रखें. साथ ही फसल अवशेषों को नष्ट कर दें. दीमकों के लिए 4 क्विंटल नीम की खली प्रति एकड़ की दर से बुवाई कर खेत में मिला दें. §भारत में हर मौसम में अलग-अलग फसलों को खेत में लगाया जाता है. जिसको लेकर किसान हमेशा परेशान रहते है कि उनकी फसल कहीं खराब न हो जाए. इसको लेकर वे कई पेस्टीसाइट और कीटनाशक खेत में लगाते हैं. कई बार किसान बिना जानकारी कीटनाशक का छिड़काव खेत में करने लगते हैं. जिससे फसल प्रभावित होती है. ऐसे में आपको सबसे पहले कीट के बारे में जानकारी होनी चाहिए.

