֍:क्यों कहा गया ‘भारत बंद’?§ֆ:हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की ओर से एससी-एसटी जातियों को लेकर फैसला सुनाया गया था. इसमें कहा गया कि सभी एससी और एसटी जातियां और जनजातियां सामान वर्ग नहीं हैं. कई जातियां ज्यादा पिछड़ी हो सकती हैं. इसके लिए अदालत ने सीवर की सफाई करने वाले और बुनकर का काम करने वालों का उदाहरण भी दिया था. कहा गया कि ये दोनों ही जातियां एससी में आती हैं. इस जाति से आने वाले लोग बाकी लोगों से ज्यादा पिछड़े हैं. §֍:ये की गई मांग§ֆ:एनएसीडीएओआर द्वारा सरकारी सेवाओं में एससी-एसटी-ओबीसी कर्मचारियों के जाति आधारित आंकड़ों को तत्काल जारी करने की भी मांग की है ताकि उनका सटीक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके. साथ ही सभी वर्गों से न्यायिक अधिकारियों और न्यायाधीशों की भर्ती के लिए भारतीय न्यायिक सेवा की स्थापना की भी मांग की जा रही है. ये मांग एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणियों से 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करने के लिए की जा रही है. एनएसीडीएओआर ने दलितों, आदिवासियों और ओबीसी से बुधवार को शांतिपूर्ण आंदोलन में भाग लेने की अपील की है. इसी के साथ दो शर्तें रखी गई जिसमें से पहली में कहा गया कि एससी के अंदर किसी एक जाति को 100 फीसदी कोटा नहीं दिया जाएगा. वहीं दूसरी शर्त में कहा गया कि, एससीमें शामिल किसी भी जाति का कोटा तय करने से पहले उसकी हिस्सेदारी का पुख्ता आंकड़ा होना चाहिए.§֍:क्या है मांग?§ֆ:21 अगस्त को भारत बंद करने वाले संगठनों की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट कोटा के अंदर कोटा के फैसले को वापस लें या दोबारा फैसले पर विचार करें. इस मुद्दे पर बीएसपी, आरजेडी और चिराग पासवान की पार्टी ने समर्थन किया है. वहीं, दूसरी तरफ जीतन राम मांझी की पार्टी ने कहा कि वे बंदी के खिलाफ हैं. भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद भारत आदिवासी पार्टी मोहन लाट रोत को भी समर्थन मिल रहा है. साथ ही कांग्रेस समेत कुछ पार्टियों के नेता भी समर्थन में हैं.§֍:जानें क्या खुलेगा?§ֆ:भारत बंद को लेकर कई इमर्जेंसी सुविधाओं को खुला रखा गया है, जिसमें ऐंबुलेंस, अस्पताल और चिकित्सा जैसी सेवाएं खुली रहेंगी. इसी के साथ सरकारी कार्यालय, बैंक, पेट्रोल पंप, स्कूल और कॉलेज सामान्य रूप से काम करेंगे. सार्वजनिक परिवहन और रेल सेवाएं चालू रहेंगी.§֍:इस राज्य के जिलों में छुट्टी§ֆ:भारत बंद को लेकर राजस्थान के कई जिलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है. जिसमें जयपुर, दौसा, भरतपुर, गंगापुर सिटी, गुड़गांव, झुंझुनू और सवाई माधोपुर डीग के साथ पांच जिलों के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है. §ֆ: §ֆ: §भारत एक विविध देश है, जहां कई धर्मों और जनजाति के लोग एकसाथ मिलकर रहते हैं. यहां अनुसूचित जनजाति को आरक्षण दिया जाता रहा है. इसी के चलते सुप्रीमकोर्ट द्वारा एससी और एसटी जनजाति आरक्षण में क्रिमीलेयर और उपवर्गीकरण करने के फैसले के खिलाफ अनुसूचित जनजाति की ओर से मोर्चा खेल दिया है. आज यानि 21 अगस्त को भारत बंद बुलाया है. जिसके साथ कई मांगों की लिस्ट भी जारी की गई है. दलित और आदिलासी संगठनों के भारत बंद को कई राजनीतिक संगठनों का भी समर्थन हासिल है.