§ֆ:कांग्रेस सांसद के सी वेणुगोपाल ने कहा कि यह विधेयक संविधान पर हमला है। उन्होंने सवाल किया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश से अयोध्या में मंदिर बोर्ड का गठन किया गया। क्या कोई गैर हिंदू इसका सदस्य हो सकता है। फिर वक्फ परिषद में गैर मुस्लिम सदस्य की बात क्यों की जा रही है? वेणुगोपाल ने दावा किया कि यह विधेयक आस्था और धर्म के अधिकार पर हमला है।
The Waqf Amendment Bill is a fundamental attack on the Constitution and a draconian law.
— Congress (@INCIndia) August 8, 2024
The government is attacking the faith and religion of the people.
: Congress General Secretary (Org.) Shri @kcvenugopalmp in Lok Sabha pic.twitter.com/EtV4bhaGgz
§֍:आप मुस्लिम के बाद ईसाई और जैन पर हमला करेंगे§ֆ:उन्होंने कहा कि अभी आप मुस्लिम पर हमला कर रहे हैं, फिर ईसाई पर करेंगे, उसके बाद जैन पर करेंगे। कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि यह विधेयक महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड के चुनाव के लिए लाया गया है, लेकिन देश की जनता अब इस तरह की विभाजन वाली राजनीति पसंद नहीं करती। वेणुगोपाल ने कहा कि यह विधेयक संघीय ढांचे पर भी हमला है।
वक्फ संशोधन बिल पर बवाल हो रहा है.
— Abhay Pratap Singh (बहुत सरल हूं) (@IAbhay_Pratap) August 8, 2024
चारधाम समिति में कोई गैर हिंदू नहीं हो सकता. SGPC में कोई गैर सिख नहीं हो सकता. तब वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम क्यों डाला जा रहा है- मोहिबुल्लाह, सपा सांसद
सांसद जी, वक्फ बोर्ड दूसरों की जमीन पर दावा करता है, उन्हें कब्जाता है.
चारधाम या SGPC… pic.twitter.com/NPjA2EgkKE
§֍:जेडीयू ने वक्फ संशोधन बिल का समर्थन किया§ֆ:वहीं, लोकसभा में एनडीए की सहयोगी पार्टी जेडीयू और टीडीपी ने वक्फ संशोधन बिल का समर्थन किया है। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि ये बिल मुस्लिम विरोधी नहीं है। उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक मुस्लिम विरोधी नहीं बल्कि वक्फ में पारदर्शिता लाएगा।
§Waqf Amendment Bill: डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय अल्पसंख्यक और कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 पेश किया। लोकसभा में भारी हंगामे के बीच रिजीजू ने बिल पेश किया। वहीं, सरकार द्वारा बिल पेश किए जाने के बाद मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कहा कि ये बिल अधिकारों पर चोट है। साथ ही कांग्रेस ने कहा कि यह बिल संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। बता दें कि कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी और AIMIM ने भी विधेयक का विरोध किया है।

