֍:सीएम धामी ने कही ये बात§ֆ:मुख्यमंत्री ने कहा, “नुकसान बड़े पैमाने पर हुआ है. भूस्खलन के कारण 29 स्थानों पर मार्ग टूट गया है. दूरसंचार लाइन बाधित होने के अलावा पानी और बिजली आपूर्ति लाइनें भी प्रभावित हुई हैं. तीर्थयात्रियों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाना चाहिए और नए हेलीपैड भी बनाए जाने चाहिए. लेकिन आपदा प्रबंधन विभाग, जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुजारी समुदाय और जन प्रतिनिधियों द्वारा किए गए सामूहिक प्रयासों ने बड़ी संख्या में लोगों को बचाने में मदद की. बचाव कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अब पूरा ध्यान इस बात पर है कि हिमालयी मंदिर के रास्ते में क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत करके यात्रा कैसे फिर से शुरू की जाए. हालांकि, केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा बुधवार से शुरू हो रही है जो तीर्थ यात्री हेलीकॉप्टर से मंदिर में दर्शन के लिए जाएंगे, उन्हें टिकट पर 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी.§֍:11 हजार से ज्यादा लोगों को किया रेस्क्यू§ֆ:अधिकारियों ने बताया कि पिछले छह दिनों से चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक 11 हजार 775 से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है. इसी के साथ केदारनाथ में लगभग 50 तीर्थयात्रियों के अलावा मंदिर के पुजारी, दुकानदार, घोड़े और पालकी चलाने वाले ही लोग बचे हैं.§मानसून के चलते उत्तराखंड में काफी खराब हालात हैं. इसी के चलते उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को रुद्रप्रयाग में अधिकारियों के साथ बैठक की. इस दौरान उन्होंने केदारनाथ में हेलीकॉप्टर सेवाएं बुधवार से शुरु कराने की घोषणा की है. साथ ही तीर्थयात्रियों के लिए किराए में 25 प्रतिशत की छूट दी है.

