֍:अमरूद की बेहतरीन किस्म §ֆ:दरअसल, हम ललित किस्म के बारे में बात कर रहे हैं. कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि ललित अरूद की एक शानदार किस्म है. इस किस्म को सीआईएसएच लखनऊ ने विकसित किया है. इसके एक फल का वजन 200 ग्राम तक होता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि इसका गुदा गुलाबी रंग का होता है. इसके चलते लोग इस बहुत ही चाव के साथ खाते हैं. अगर आपने ललित किस्म के अमरूद का बाग लगाया है, तो 6 साल के बाद एक पेड़ से 100 किलो तक अमरूद का उत्पादन होगा. एक्सपर्ट का कहना है कि ललित अमरूद विटामिन सी का भंडार है.
§֍:इन राज्यों में होती है खेती§ֆ:वैज्ञानिकों ने इस किस्म को उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक की जलवायु को ध्यान में रखते हुए विकसित किया है. अगर इन राज्यों के किसान इसकी खेती करते हैं, तो बंपर उपज मिलेगी. इससे किसानों की कमाई में बढ़ोतरी होगी. बड़ी बात यह है कि ललित किस्म के अमरूद की प्रोसेसिंग करना भी आसान है. साइज में बड़ा और स्वादिष्ट होने के चलते मार्केट में इसकी मांग अधिक रहती है.
§֍:अमरूद खाने के फायदे§ֆ:ऐसे कहा जाता है कि अमरूद ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है. खासतौर से अमरूद के पत्तों का अर्क इंसुलिन रेजिस्टेंस और ब्लड शुगर पर काफी कारगर पाया गया है. खाने के बाद अमरूद की पत्तियों से बनी चाय पीने से ब्लड शुगर कम होता है. अमरूद में ग्लाइकेमिक इंडेक्स कम होता है, जो ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ने से रोकता है. कुल मिलाकर डायबिटीज के मरीजों के लिए ललित अमरूद बहुत फायदेमंद है और इन्हें हर दिन अमरूद खाना चाहिए.
§देश में किसानों के बीच बागवानी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. खास कर उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और कर्नाटक में किसान बड़े स्तर पर अमरूद की खेती कर रहे हैं. इससे उन्हें अच्छी कमाई हो रही है. लेकिन बेहतर किस्म की रोपाई न करने के चलते कई किसानों को अमरूद की खेती में नुकसान भी उठाना पड़ रहा है, क्योंकि पैदावार उतनी अच्छी नहीं हो रही है. लेकिन अब इन किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. आज हम अमरूद की एक ऐसी किस्म के बारे में बात करेंगे, जिसकी मार्केट में बहुत अधिक डिमांड है. इसकी किमत भी अन्य किस्म के अमरूदों के मुकाबले अधिक होती है. खासकर उत्तर प्रदेश में किसान इस किस्म की बहुत अधिक खेती कर रहे हैं.

