֍:ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की योग्यता को तलाशने का मौका §ֆ:ओपन जिम में ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाएं निखरेंगीं वहीं सरकार द्वारा संचालित खेलो इंडिया सेंटर और सभी सुविधाओं से आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज में इंटरनेशनल स्तर के कोच के प्रशिक्षण से इनको और निखारा जाएगा. सरकार एक जिला एक खेल (वन डिस्ट्रिक्स,वन स्पोर्ट्स) पर भी गंभीरता से काम कर रही है. उल्लेखनीय है कि हर जिले में कुछ खास खेल अपेक्षाकृत अधिक प्रचलित होते हैं. संबंधित जिले में उन खेलों को खास प्रोत्साहन देने और उसी अनुसार बेहतरीन बुनियादी सुविधाएं और प्रशिक्षण देने की भी योजना है. मेरठ में युद्ध स्तर पर बन रही स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी योगी सरकार की खेल प्रतिभाओं को निखारने में मील का पत्थर बनेगी.
§֍:सात साल में हुआ खेल क्षेत्र का कायाकल्प§ֆ:सच तो यह है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खेलों के प्रति निजी रुचि के कारण पिछले सात वर्षों में खेल जगत का पूरा परिदृश्य ही बदल गया है. आज प्रदेश में कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, गाजियाबाद में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम हैं. कानपुर और लखनऊ में तो लगातार राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मैच भी होते हैं.
§֍:स्थानीय स्तर पर रोजी रोजगार के बढ़ेंगे अवसर §ֆ:बदलाव की यह प्रक्रिया लगातार जारी है. इसके नतीजे भी दूरगामी और बहुआयामी होंगे. मसलन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों से हास्पिटलिटी और इससे संबंधित सेक्टर्स को लाभ होगा. खेल सामग्री की मांग बढ़ने से संबंधित इंडस्ट्री को भी लाभ होगा. स्थानीय स्तर पर रोजी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. युवाओं में जीत का जज्बा और अनुशासन का बढ़ना बोनस होगा.
§उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. खेलों में प्रदेश का नाम ऊंचा हो इसके लिए एक योगी सरकार ने एक अहम फैसला लिया है. दरअसल, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार खेलों में लोगों की रूची बढ़ाने पर जोर दे रही है. जिसके लिए योगी सरकार ने नए अभियान की शुरुआत की है. जिसका नाम है ‘कैच देम यंग’ मसलन बचपन से होनहार प्रतिभाओं को पहचानकर उनको उसी तरह की बुनियादी सुविधाएं, प्रशिक्षण और एक्सपोजर दिलाना. इसमें गांव- गांव में खुलने वाले ओपन जिम (Open Gym) की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. इसीलिए अनुपूरक बजट में भी सरकार में ग्रामीण क्षेत्रों में ओपन जिम खोलने के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है.

