֍:मौत के मामलों ने बढ़ाई चिंता §ֆ:आशा किरण में मौत के मामले में दिल्ली की मंत्री आतिशी ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं. दस्तावेजों में इसबात का साफ-साफ जिक्र है कि कैसे महीने दर महीने लोगों की मौत हुई. सबसे चौंकाने वाली बात ये कि जुलाई महीने में ही 20 दिन के अंदर 13 बच्चों की मौत हुई है.
§֍:मौत के आकड़ों पर प्रशासन खामोश §ֆ:यहां इस साल लगातार मौतें हुई हैं जिसमें- जनवरी में 3, फरवरी में 2, मार्च में 3, अप्रैल में 2, मई में 1, जून में 3 और जुलाई में 13 मौत हुई हैं. जबकि वर्ष 2023 में जनवरी से जुलाई के बीच ही कुल 13 लोगों की मौत हुई थी. आशा किरण प्रशासन इतने गंभीर विषय पर बात ही करने को तैयार नहीं है.
§֍:जानें क्यों हो रही मौतें ?§ֆ:
रोहिणी के सेक्टर 3 स्थित आशा किरण होम में मंदबुद्धि बच्चों और बड़ों को रखा जाता है. दावा किया जाता है कि यहां इनकी अच्छे से देखरेख की जाती है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में रहस्यमय ढंग से यहां होने वाली मौतें कई सवाल खड़े करती हैं.
सूत्रों से जो पक्की ख़बर मिली है, उसके मुताबिक दिल्ली सरकार द्वारा संचालित इस आशा किरण होम में मानसिक रूप से परेशान लोगों की देखरेख ही ठीक से नहीं की जाती. उन्हें सुविधाओं का अभाव रहता है. शायद यही वजह है कि जब यहां के प्रशासन से हमने बात करने की कोशिश की. तो कोई भी बात करने को तैयार नहीं हुआ.सवाल है कि क्या यहां हो रही मौतों को छिपाने की कोशिश हो रही है.
§֍:SDM ने शुरु की जांच §ֆ:रोहिणी के एसडीएम मनीष वर्मा ने बताया, ‘जैसे ही इसकी खबर आई तो हमने तुरंत तहकीकात शुरू की. जो जानकारी आई वो बिल्कुल सत्य है. जो मृत्यु दर है वो पिछले महीनों और पिछले साल की तुलना में ज्याादा हुई है. हमने इसके बारे में जब वहां के देखरेख करने वाले डिप्टी डायरेक्टर से पूछा तो उन्होंने भी स्वीकार किया कि संख्या ज्यादा है. चूंकि अभी बच्चों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है तो असली कारण क्या है वो नहीं बता पाए. रिपोर्ट आने के बाद वो बताएंगे. हमने उनको सजेस्ट किया है कि वो पानी की जांच करवाएं, वाटर फिल्टर बदलवाएं और खाने-पीने को पहले टेस्ट करें उसके बाद ही उन्हें सर्व करें. इन सब चीजों पर उन्होंने गौर किया है और बताया है कि सारे एक्वागार्ड बदल दिए गए हैं.’
§राजधानी दिल्ली में स्थित आशा किरण होम सेंटर मंदबुद्धि बच्चों और बड़े लोगों के लिया बनाया गया था. ताकि सरकार की देखरेख में यहां मौजूद लोगों का ख्याल रखा जा सके. लेकिन जहां इन लोगों को विशेष ध्यान की जरुरत है वहीं एक मीडिया रिपोर्ट ने परेशान कर दिया है. दरअसल, मामला रोहिणी स्थित का है, जहां आशा किरण होम सेंटर को अब बच्चों के लिए डेंथ चैंबर कहा जाने लगा है. जी हां, मीडिया रिपोर्ट की मानें तो यहां पिछले 7 महीने में 27 बच्चों की मौत की जानकारी सामने आई है. जबकि जुलाई में 13 बच्चे मौत के मुंह में चले गए. हैरानी की बात ये है कि आशा किरण के इतने गंभीर मुद्दे पर प्रशासन बात तक करने को तैयार नहीं है. जबकि मौत की वजह बच्चों की देखरेख और पीने के पानी की ठीक व्यवस्था ना होना बताया गया है.

