֍:इस किस्म के सेब की कीमत है कम§ֆ:बता दें कि सेब को कुछ जगाहों पर आकार के अनुसार भी बेचा जा रहा है. जिसको लेकर प्रोग्रेसिव ग्रोअर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेंद्र बिष्ट ने कहा कि छोटे सेब 30 प्रतिशत कम कीमत पर बेचे जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि एपीएमसी को इस पर ध्यान देना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि पूरा लॉट एक ही कीमत पर बेचा जाए. हालांकि, शिमला और किन्नौर के एपीएमसी अध्यक्ष का कहना है कि सेब की मार्केटिंग प्रणाली में कार्टन बदलने के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है.
§हिमाचल प्रदेश में सेब की खेती हर साल काफी जोरों शोरों से की जाती है. हिमाचल के सेब को भारत में ही नहीं बल्कि देश-विदेशों तक में भेजा जाता है. इसकी मार्केट में हमेशा डिमांड बनी ही रहती है. ऐसे में सेब का दाम हर साल छोड़ा बहुत बढ़ जाता है. बता दें कि इस बाक की सेब की फसल के बाद मंडियों में सेब 200 रुपये प्रतिकिलो के भाव से बिक रहा है. वहीं, पहले यही सेब 120-150 रुपये प्रतिकिलो के भाव में मिल जाता था. सेब के भाव में जोरदार उछाल को देखकर हिमाचल के सेब किसानों के चेहरों पर खुशी झलक रही है. एक रिपोर्ट के मुताबिक एपीएमसी शिमला और किन्नौर के अध्यक्ष देवानंद वर्मा का कहना है कि अभी मार्केट में बेहतरीन क्वालिटी वाले सेब को अच्छी कीमतें मिल रही हैं. उन्हें उम्मीद है कि इस बार कीमतों में बहुत उतार-चढ़ाव नहीं होगा. क्योंकि सूखे और अन्य कारणों की वजह से सेब का उत्पादन कम रह सकता है.

