֍:कैसे और कब होती है टमाटर की खेती§ֆ:टमाटर की खेती साल मे दो बार होती है, जिसमें से पहली जुलाई-अगस्त से शुरु होकर फरवरी-मार्च में खत्म हो जाती है.
दूसरी नवंबर-दिसंबर से शुरु होकर जून-जुलाई तक चलती है. टमाटर की खेती में सबसे पहले बीजों से नर्सरी तैयार करते हैं.
जिसके एक महीने बाद पौधे आना शुरु हो जाते हैं.
अब इन पौधों को खेत में लगाया जाता है.
एक हेक्टेयर में आप करीब 15,000 पौधे लगा सकते हैं.
खेत में पौधे लगाने के करीब 2-3 महीने में फल आना शुरु हो जाता है.
ये टमाटर की फसल 9-10 महीनों तक चलती है.
§֍:कैसे होगी सिंचाई?§ֆ:टमाटर की खेती में सिंचाई एक महत्वपूर्ण स्थिति होती है. इसे सही समय पर सिंचाई करना बहुत जरूरी है. टमाटर की फसल में सूखे की स्थिति के तुरंत बाद अधिक पानी देने से फल फट जाते हैं. इसलिए इसकी फसल में कम नमी होते ही पानी डाल देना चाहिए. पानी इतना होना चाहिए की मिट्टी में नमी वापस आ जाए. §֍:टमाटर की किस्में§ֆ:किसान खेती के लिए हर फसल की अलग-अलग किस्म को जांच परख कर खेत में लगाता है. ऐसे में अधिक पैदावार के लिए किसान इन किस्मों की बुवाई कर सकते हैं. पूसा रूबी, पूसा अर्ली ड्वार्फ, अर्का आलोक, स्वर्ण लालिमा, विल्ट प्रतिरोधी किस्म, अर्का आभा और अर्का आलोक. स्वर्ण वैभव, स्वर्ण नवीन, पूसा हाइब्रिड-2, काशी अमृत, स्वर्ण संपदा, स्वर्ण समृद्धि, स्वर्ण विजया, अर्का रक्षक, अर्का सम्राट आदि टमाटर की उन्नत किस्में हैं.§भारत में टमाटर की खेती काफी कम किसान करते हैं, क्योंकि इसकी फसल पर काफी देखभाल करनी होती है. यह कोई आसान काम नहीं है. इसे सही समय पर सिंचाई चाहिए होती है. अगर सिंचाई अधिक या कम हो जाए तो फसल बर्बाद भी हो सकती है.

