֍:मानसून में बढ़ती है फूलों की मांग§ֆ:मानसून के दौरान सावन का पर्व आने पर भी फूलों की मांग मार्केट में बढ़ जाती है. इस दौरान लोग भोले बाबा को अलग-अलग तरह के फूल चढ़ाते हैं. ऐसे में सावन के महीने में गुलाब के फूलों की मांग भी काफी बढ़ जाती है. इसी दौरान गुलाब की खेती करने वालों के मजे हो जाते हैं. इसी के साथ गुलाब की खेती करने वाले किसान गुलाब की फसल को डायरेक्ट सेंट बनाने वाली कंपनियों को भी बेच सकते हैं, जिससे उनकी फसल जल्द ही बिक जाएगी. किसानों के लिए गुलाब की इस किस्म से खेती करना काफी फायदेमंद है. §֍:पूसा अल्पना गुलाब§ֆ:भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा ने गुलाब की नई किस्म पूसा अल्पना को गुलाब शरबत किस्म के नाम से विकसित किया है. इसको स्व-परागण के माध्यम से विकसित किया है. पूसा अल्पना का तीन वर्षों तक निरीक्षण किया गया और इसकी फूल उपज की तुलना गुलाब शरबत किस्म से की गई. गुलाब शरबत की तुलना में पूसा अल्पना किस्म की फूल उपज अधिक पाई गई. §भारत में किसान बागवानी को भी काफी शौक से करते हैं. इसकी खेती में किसानों को थोड़ा ज्यादा लागत लगानी पड़ती है, लेकिन जब फसल निकल कर आती है तो मुनाफा भी बढ़ जाता है. ऐसे में गुलाब की इस किस्म को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा, नई दिल्ली द्वारा स्व-परागण के माध्यम से विकसित किया है.

