֍:ये थी पंजाब सरकार की मांगे§ֆ:पंजाब सरकार ने सीडीपी योजना के चलते किसानों के लिए 7000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन देने की मांग की है. पंजाब सरकार में राज्य कृषि मंत्री ने कपास पर कीटों के हमले की रोकथाम के लिए बीजी-3 कपास के बीजों के अनुसंधान में तेजी लाने और जल्द मंजूरी देने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने कपास को लेकर कहा कि बीजी-3. कपास के बीजों को उन्नत बीजों से बदलने की जरूरत है. राज्य कृषि मंत्री ने एसएएसए को मंजूरी देने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह पहल कृषि सांख्यिकी प्रणाली में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने राष्ट्रीयकृषि विकास योजना को लेकर धनराशि जारी करने और बीजों को बदलने के लिए सब्सिडी सहित राज्य के कृषि से जुड़े मुद्दों को केंद्रीय कृषि मंत्री से अवगत कराया.§֍:पंजाब की मांगो पर बोले शिवराज§ֆ:पंजाब को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों को ड्रौगन फ्रूट, कीनू जैसी खेती के साथ बागवानी एंव अन्य फसलों के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. इससे पराली की समस्या भी कम होगी. साथ ही किसानों की आमदनी बढ़ सकेगी. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना को लेकर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब की पूरी मदद करेगी. इस बैठक में कृषि सचिव संजीव चोपड़ा के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.§दिल्ली स्थित कृषि कार्यालय में केंद्रीय कृषि तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवरीज सिंह ने राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ बैठक की. इस दौरान पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खड्डियां भी शामिल थे. उन्होंने पंजाब में खेती-किसानी को लेकर अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की. इसी के चलते पंजाब सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन योजना के लिए केंद्र सरकार से 100 फीसदी फंडिंग मांगी है. बता दें कि 2018-19 में केंद्र सरकार इस योजना के लिए 100 फीसदी फंडिंग करती थी. 2023-24 में योजना में बदलाव करके 60 फीसदी केंद्र और 40 फीसदी राज्य सरकार की हिस्सेदारी कर दी. पंजाब के कृषि मंत्री ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में पंजाब के योगदान को देखते हुए फंडिंग को दोबारा शुरु करने के लिए आग्रह किया.

