֍:23 जुलाई को पेश होगा बजट§ֆ:23 जुलाई को केंद्र की मोदी सरकार बजट पेश करने वाली है, जिसको लेकर सरकार ने पूरी प्लानिंग कर ली है. उन्होंने कहा कि इसका इंतेजार राज्यों के साथ-साथ देश के तमाम आम नागरिको को भी है.§֍:प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुई चर्चा§ֆ:दिल्ली की वित्त मंत्री आतिशी ने कहा कि दिल्ली के आधारभूत विकास के लिए केंद्र सरकार को ज्यादा पैसा देना चाहिए. इससे सड़क, ट्रांस्पोर्ट और पावर सेक्टर में निवेश करके राजधानी का विकास कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि साल 2001 से एक समझौते के तहत केंद्र की सरकार दिल्ली को 325 करोड़ रुपेय देती थी, लेकिन यह अब बंद हो गया है. अब दिल्ली को एक रुपया भी नहीं मिलता. §֍:कब से शुरु होगा सत्र?§ֆ:लोकसभा चुनाव के बाद अब दूसरी बार वित्त मंत्री बनी निरमला सीतारमण 23 जुलाई को केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं. इसी को लेकर मंगलवार को पारंपरिल हलवा सेरेमनी का आयोजन भी किया गया था. इसके बाद बजट से जुड़ा कोई भी अधिकारी परिसर के बाहर नहीं जा सकता. संसद का बजट सत्र 22 जुलाई से शुरु हो रहा है. ये 12 अगस्त तक चलने वाला है.§दिल्ली को लेकर बजट आने से पहले ही सरकारों में गर्मा-गर्मी शुरु होती दिख रही है. इसी के चलते 23 जुलाई को चालू वित्त वर्ष का पूर्ण बजट पेश होने जा रहा है. इस बजट को लेकर आम आदमी से लेकर उद्योगपति उत्साहित है. दिल्ली सरकार में वित्त मंत्री आतिशी ने राष्ट्रीय राजधानी के विकास के लिए केंद्र सरकार से 10 हजार करोड़ की डिमांग की है. उन्होंने शुक्रवार को कही कि दिल्ली से केंद्र सरकार को 2 लाख रुपये टैक्स मिलता है. मगर, इस टैक्स के बदले दिल्ली को केंद्र सरकार की ओर से कुछ नहीं दिया जा रहा है. ऐसे में आतिशी ने प्रेंस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दिल्ली से 25000 करोड़ रुपये जीएसटी कलेक्शन होता है.

