֍:प्रतिबंध से होगा कारोबार ठप्प
§ֆ:सरकार की इस रोक से पॉल्ट्री किसान चिंता में आ गए हैं. केरल के अलप्पुझा, कोट्टायम और पथामिट्टी जिलों में एवियन फ्लू निगरानी क्षेत्रों में मुर्गियों और अन्य पक्षियों की बिक्री और परिवहन पर रोक लगाने का फैसला किया है. इस रोक को मार्च 2025 तक कर दिया गया है. इन जिलों में अब किसानों का विरोध शुरु हो गया है. विशेषज्ञों द्वारा सुझाव भी दिया गया है कि सरकारी फार्मों सहित निगरानी क्षेत्रों में हैचतरी को मार्च 2005 तक बंद कर दिया जाना चाहिए. इसको लेकर जिले के पॉल्ट्री किसानों का कहना है कि अलप्पुझा जिले तथा कोट्टायम और पथानामथिट्टा जिलों के कुछ हिस्सों में आठ महीने की रोक लगाने से इन जिलों में कारोबार खत्म हो जाएगा.
§֍:पॉल्ट्री किसानों ने की मुआवजे की मांग
§ֆ:फ्लू के कारण रोक को लेकर पॉल्ट्री किसानों ने सरकार से मांग भी की है. एसोसिएशन ने कहा कि अगर सरकार ने पूरी तरह से रोक लगाई तो किसानों का आंदोलन शुरु हो जाएगा. साथ ही रोक को लेकर सरकार से आग्रह किया कि वह पोल्ट्री किसानों को मुआवजा दिया जाए. विशेषज्ञ पैनल ने कुट्टनाड क्षेत्र में खुले मैदानों और जलाशयों में बत्तख पालने की प्रथा को बदलने और उन्हें बाड़ों और खेतों में पालने की सिफारिश की.
§केरल में मुर्गी पालकों क साथ पॉल्ट्री का बिजनेस करने वालों में डर का माहौल बना हुआ है. दरअसल, केरल में एवियन फ्लू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. इसके अध्ययन को लेकर केरल सरकार ने एख विशेषज्ञ पैनल की नियुक्ती की थी. इस टीम ने रिपोर्ट में लिखा कि जिलों में फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए बिक्री पर रोक लगानी होगी. सीथ ही 2025 तक मुर्गीयों और बत्तखों को इन जिलों में रखने से भी मना कर दिया गया है.

