֍:क्या है सानेन बकरी में खास?
§ֆ:सानेन बकरी पशु पालकों के लिए वरदान की तरह है क्योंकि इसके पालन में लागत कम और मुनाफा ज्यादा मिला है. सानेन नस्ल की बकरी एक विदेशी नस्ल की बकरी है. इस नस्ल की बकरी का दूध और मांस बाजार में अन्य नस्ल से महंगा बिकता है. इसकी प्रजनन क्षमता सिर्फ 9 महीना में ही विकसित होने की है और इसका दूध और मांस प्रोटीन से भरपूर होता है. यह बकरी एक साल में 800 किलो से ज्यादा दूध दे सकती है.
§֍:कैसे करें सानेन बकरी की पहचान?
§ֆ:सानेन नस्ल की बकरी एक खास बकरी है, जिसका रंग सफेद होता है. इसके सींग लंबे और ऊपर की तरफ होते हैं. कान सीधे मुंह की तरफ खड़े रहते हैं. साथ ही इसकी पूंछ छोटी होती है. इस नस्ल के नर का वजन 80 किलो और मादा का वजन 60 किलो तक होता है. नर की लंबाई 90 सेमी और मादा 80 सेमी तक होती है.
§֍:क्या मिलेगा फायदा?
§ֆ:सानेन नस्ल की बकरी अपने आप में कई फायदों के साथ आती है. इसका दूध और मांस काफी महंगा बिकता है, जिसकी वजह से मार्केट में इसकी डिमांड अधिक है. इस नस्ल की बकरी का दूध बाजार में 100 रुपये प्रति लीटर तक का बिकता है. वहीं इसका मांस भी 1000 से 1500 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकता है. साथ ही सानेन बकरी के दूध का प्रयोग डेयरी प्रोडक्ट्स बनाने में कर सकते हैं.
§֍:ऐसे मिलेगी सानेन बकरी
§ֆ:लोकल मार्केट में सानेन नस्ल की विदेशी बकरी कम देखी जाती है. लेकिन अगर आपको इस नस्ल की बकरी खरीदनी है तो आपको राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में जाकर खरीदना होगा. इन राज्यों में सानेन बकरी पालन करने वाले कई पशु पालक बारिश के मौसम में बकरी को कम रेट पर बेच देते हैं. तो मानसून के सीजन में सानेन नस्ल की बकरी खरीदना ज्यादा फायदेमंद रहेगा.
§भारत में किसान अधिक मुनाफा कमाने के लिए खेती के साथ-साथ पशु पालन भी करते हैं. बकरी पालन करना किसानों का हमेशा से पसंद है. इससे कमाई भी प्रतिदिन हो जाती है. बकरी पालन करना किसानों के लिए एक अच्छा कारोबार भी है. बकरी पालन में कई नस्लें मौजूद हैं, जो कि किसानों को काफी मुनाफा दे देती हैं. ऐसी ही बकरियों में सानेन नस्ल की बकरी है. इस नस्ल की बकरी को दूध की रानी भी कहा जाता है. इस नस्ल की बकरी का दूध भैंस जितना गाढ़ा होता है, जिसकी मार्केट में भी डिमांड है.

