֍:रूसी सेना में फंसे भारतीयों का वीडियो हुआ था वायरल§ֆ:उल्लेखनीय है कि अच्छी सैलरी का लालच देकर एजेंटों द्वारा करीब दो दर्जन भारतीयों को रूसी सेना में शामिल करा दिया है। इन भारतीयों को यूक्रेन युद्ध में मोर्चे पर तैनात किया गया है। इस साल की शुरुआत में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें पंजाब और हरियाणा के कुछ लोगों को रूसी सेना की वर्दी में देखा गया था। इस वीडियो में इन भारतीयों ने दावा किया कि उन्हें यूक्रेन में युद्ध लड़ने के लिए धोखा दिया गया। इन भारतीयों ने सरकार से उनकी वतन वापसी के लिए कोशिश करने की अपील की।
§֍:भारत ने रूस के समक्ष जताई थी कड़ी आपत्ति§ֆ:वीडियो सामने आने के बाद भारत सरकार ने रूस के समक्ष ये मुद्दा उठाया था। साथ ही सरकार ने धोखा और झूठे वादे कर भारतीयों को विदेश भेजने वाले एजेंटों के खिलाफ भी कार्रवाई की बात कही थी। इसके बाद भारतीय जांच एजेंसियों ने ऐसे एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की और भारतीयों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ भी किया। जांच में पता चला कि एजेंटों ने कम से कम 35 भारतीयों को रूस भेजा था। रात्रिभोज में पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को लगातार तीसरी बार फिर से निर्वाचित होने पर बधाई दी और भारतीय अर्थव्यवस्था की तरक्की की तारीफ की।
§֍:पीएम मोदी का रूस दौरा
§ֆ:पीएम मोदी सोमवार शाम दो दिवसीय दौरे पर मॉस्को पहुंचे। रूस के यूक्रेन के खिलाफ युद्ध शुरू करने के बाद से पीएम मोदी की यह रूस की पहली यात्रा है। रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव ने हवाई अड्डे पर पीएम मोदी स्वागत किया। प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सोमवार शाम को पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास पर उनसे मुलाकात की। प्रधानमंत्री मंगलवार को राष्ट्रपति पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और मॉस्को में 22वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे।
§प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के समक्ष रूसी सेना में भारतीयों के फंसे होने का मुद्दा उठाए जाने के बाद रूस ने रूसी सेना में कार्यरत सभी भारतीयों को बर्खास्त करने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि कई भारतीयों को धोखा देकर रूसी सेना में भर्ती करने का खुलासा हुआ था। दर्जनों भारतीय रूसी सेना में फंसे हैं और कई भारतीय रूस-यूक्रेन युद्ध में मोर्चे पर तैनात हैं। दो दिवसीय रूस यात्रा पर मॉस्को आए प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार शाम राष्ट्रपति पुतिन के साथ निजी रात्रिभोज में यह मुद्दा उठाया। जिस पर रूसी राष्ट्रपति अपनी सेना में कार्यरत सभी भारतीयों को बर्खास्त करने और उनकी भारत वापसी में मदद करने पर सहमत हो गए।
Russia to discharge and facilitate the return of all Indians working in the Russian Army, Prime Minister Narendra Modi raised the matter with President Putin: Sources
— ANI (@ANI) July 9, 2024
(file pic) pic.twitter.com/0gJM6XhaNm
§֍:भारत ने रूस के समक्ष जताई थी कड़ी आपत्ति§ֆ:वीडियो सामने आने के बाद भारत सरकार ने रूस के समक्ष ये मुद्दा उठाया था। साथ ही सरकार ने धोखा और झूठे वादे कर भारतीयों को विदेश भेजने वाले एजेंटों के खिलाफ भी कार्रवाई की बात कही थी। इसके बाद भारतीय जांच एजेंसियों ने ऐसे एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की और भारतीयों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ भी किया। जांच में पता चला कि एजेंटों ने कम से कम 35 भारतीयों को रूस भेजा था। रात्रिभोज में पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को लगातार तीसरी बार फिर से निर्वाचित होने पर बधाई दी और भारतीय अर्थव्यवस्था की तरक्की की तारीफ की।
§֍:पीएम मोदी का रूस दौरा
§ֆ:पीएम मोदी सोमवार शाम दो दिवसीय दौरे पर मॉस्को पहुंचे। रूस के यूक्रेन के खिलाफ युद्ध शुरू करने के बाद से पीएम मोदी की यह रूस की पहली यात्रा है। रूस के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव ने हवाई अड्डे पर पीएम मोदी स्वागत किया। प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सोमवार शाम को पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास पर उनसे मुलाकात की। प्रधानमंत्री मंगलवार को राष्ट्रपति पुतिन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और मॉस्को में 22वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे।
§प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के समक्ष रूसी सेना में भारतीयों के फंसे होने का मुद्दा उठाए जाने के बाद रूस ने रूसी सेना में कार्यरत सभी भारतीयों को बर्खास्त करने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि कई भारतीयों को धोखा देकर रूसी सेना में भर्ती करने का खुलासा हुआ था। दर्जनों भारतीय रूसी सेना में फंसे हैं और कई भारतीय रूस-यूक्रेन युद्ध में मोर्चे पर तैनात हैं। दो दिवसीय रूस यात्रा पर मॉस्को आए प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार शाम राष्ट्रपति पुतिन के साथ निजी रात्रिभोज में यह मुद्दा उठाया। जिस पर रूसी राष्ट्रपति अपनी सेना में कार्यरत सभी भारतीयों को बर्खास्त करने और उनकी भारत वापसी में मदद करने पर सहमत हो गए।

