֍:ब्लैक टाइगर झींगा की बढ़ी डिमांड §ֆ:झींगा किसान और एक्सपर्ट डॉ. मनोज शर्मा का कहना है कि इक्वाडोर इंटरनेशनल मार्केट में दूसरे सभी देशों के मुकाबले हर साइज और वजन का झींगा एक डॉलर कम के रेट में बेचता है. यही वजह है कि भारत का वेनामी झींगा इक्वाडोर से पिछड़ रहा है. देश में उत्पादन कम हो गया है. इस वक्त झींगा पालन में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. पूरी तरह से एक्सपोर्ट पर निर्भर झींगा के सही रेट नहीं मिल पा रहे हैं.
§֍:बाजार में पहली पंसद ब्लैक टाइगर झींगा §ֆ:एक्सपर्ट डॉ. मनोज शर्मा का कहना है कि 2010 से पहले ब्लैक टाइगर झींगा खूब एक्सपोर्ट होता था. फिर अचानक से बाजार में वेनामी झींगा आ गया और ब्लैक टाइगर की डिमांड कम हो गई. लेकिन अब फिर से ब्लैक टाइगर झींगा पसंद किया जा रहा है. ये पूरी तरह से एशियाई है. इसका बीच भारत में ही तैयार किया जाता है. भारत की मिट्टी और यहां का पानी इसके स्वाद को और बढ़ा देते हैं. यही वजह है कि एशिया में और दूसरे देश भी हैं, लेकिन पसंद भारत का ज्यादा किया जा रहा है. 2023-24 में 25 फीसद डिमांड बढ़ना इसका सुबूत है.
§֍:एक साल में 2855 करोड़ का बिका ब्लैक टाइगर §ֆ:मंत्रालय ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी करते हुए बताया है कि सीफूड एक्सपोर्ट में सबसे बड़ा हिस्सा झींगा का होता है. 60 हजार करोड़ के सीफूड एक्सपोर्ट में 40 हजार करोड़ का फ्रोजन झींगा है. हालांकि 13 साल बाद ब्लैक टाइगर झींगा ने वापसी की है, फिर भी एक साल में 39 हजार मीट्रिक टन झींगा बेचा गया है. इसकी कुल कीमत 2855 करोड़ रुपये है. एक साल में ही 25 फीसद का उछाल आने से एक नई उम्मीद जागी है.§ब्लैक टाइगर इज बैक. इसे ब्लैक टाइगर का कम बैक माना जा रहा है. अच्छी बात ये है कि पहले की तरह से ही अभी भी ब्लैक टाइगर को खूब पसंद किया जा रहा है. बाजार में पहुंचते ही ब्लैक टाइगर की डिमांड हो रही है. साल 2023-24 में ब्लैक टाइगर की डिमांड में 25 फीसद की बढ़ोतरी हुई है. हम बात कर रहे हैं ब्लैक टाइगर झींगा की. ये खबर झींगा पालक किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. क्योंकि वेनामी झींगा एक्सपोर्ट में भारत को लगातार इक्वाडोर से टक्कर मिल रही थी.

