֍:महाराष्ट्र कैबिनेट का अहम फैसला §ֆ:महाराष्ट्र कैबिनेट की ओर से लिए गए फैसलों में दूध बिक्री पर 5 रुपये प्रती लीटर सब्सिडी देने का फैसला भी शामिल है. यह सब्सिडी केवल उस पशुपालकों को मिलेगा जो सहकारी समितियों को दूध की आपूर्ति करते हैं. जबकि निजी क्षेत्र को दूध की बिक्री करने वाले पशुपालकों को इसका फायदा नहीं मिलेगा. इस फैसले के बाद प्रदेश में किसान संगठन सभी निजी क्षेत्र में दूध बेचने वालों को भी सब्सिडी देने की मांग कर रहे हैं. बता दें कि पिछले कई दिनों से दूध की कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते सब्सिडी का सवाल खड़ा हो गया था.
§֍:सब्सिडी के लिए रखी गई यह शर्त§ֆ:पिछले साल 20 दिसंबर को महाराष्ट्र विधानसभा में डेयरी विकास मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने दूध टैरिफ सब्सिडी की घोषणा की थी. जिसपर राज्य कैबिनेट ने मुहर लगा दी. इसके बाद राज्य में इसे लागू कर दिया गया. इसमें एक शर्त यह भी है कि दूध में कम से कम 3.2 फीसदी फैट और 8.3 एसएनएफ होना चाहिए. इस शर्त पर विक्रेता को सरकार पशुपालकों के बैंक खाते में 5 रुपये प्रति लीटर की दर से सब्सिडी देगी.
§֍:सरकार ट्रायल के बाद करेगी मुआयना§ֆ:यह योजना फिलहाल 2 महीनों के लिए लागू की गई है. जो 1 जनवरी 2024 से 29 फरवरी 2024 तक की अवधि तक उपलब्ध होगी. इसके बाद सरकार योजना की समीक्षा करेगी और समय सीमा बढ़ाने पर विचार करेगी. इस वजह से कई पाशुपालक चिंतित भी हैं.
§भारत सरकार की ओर से लगातार पशुपालन को आगे बढ़ाने के लिए कार्य किया जा रहा है. किसानों के लिए न सिर्फ केंद्र बल्कि राज्य सरकारे भी कई योजनाएं लागू करती रहती हैं. ताकि किसानों की आर्थिक स्थिती को सुधारा जा सके. इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को एक बड़ी खुबखबरी सुनाई है. दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने कैबिनेट बैठक में किसानों के पक्ष में कई अहम फैसले लिए हैं. जिसमें दूध बिक्री पर 5 रुपये प्रति लीटर सब्सिडी देने का ऐलान किया है. हालांकि इस फैसले के बाद कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी सामने आ रहा है.

