֍:किसानों के सामने चुनौतियां §ֆ:राजकोट जिले के गोंडल तालुका के एक किसान, दर्शन ने अपने जैसे किसानों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में बताया. किसान ने बताया कि उन्हें जो सब्सिडी मिलती है उसमें जरूरी स्टोरेज विकल्पों की वजह से फसल खराब होने और वित्तीय नुकसान का जोखिम शामिल है. उन्होंने बताया, ‘हमें कटी हुई फसल का उचित मूल्य नहीं मिलता है, जो नष्ट हो जाती है क्योंकि हम इसे स्टोर नहीं कर सकते हैं. राजकोट जिले के पारा पिपलिया के एक और किसान विक्रमभाई ने भी इसी तरह की भावना जाहिर की. उन्होंने फसल चोरी और जंगल जानवरों की घुसपैठ के खतरे पर जोर दिया, जिससे वित्तीय नुकसान बढ़ रहा है.
§֍:कम कीमतों पर फसल की बिक्री §ֆ:पहले, जरूरी भंडारण सुविधाओं की कमी के कारण किसानों को कटाई के तुरंत बाद अपनी फसल बेचनी पड़ती थी. फसल अक्सर बहुत कम कीमतों पर बेचनी पड़ती है इससे काफी नुकसान होता था. हालांकि, इस योजना से किसानों को बहुत जरूरी राहत मिली है, जिससे उन्हें अपनी फसल को सुरक्षित रूप से स्टोर करने और सही समय पर बेचने की अनुमति मिली है. उन्होंने कहा कि इस योजना ने उन्हें राहत और मानसिक शांति दी है.
§֍:किसानों को फायदे §ֆ:दर्शन ने कहा, ‘पहले हमें फसल की कटाई के तुरंत बाद उसे बेचना पड़ता था, जो अब नहीं है. सरकार ने मदद दी है जिससे हम फसल को गोदामों में इकट्ठा कर सकते हैं. हर किसान को इस योजना का लाभ उठाना चाहिए.’ सरकार की गोदाम सब्सिडी के बारे में जानने के बाद विक्रमभाई को अपनी समस्याओं का समाधान मिल गया. उन्होंने कहा, ‘किसानों को सरकार की इन योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए. सरकार की ओर से कई सब्सिडी हैं जो किसानों के लिए फायदेमंद हैं.’
§֍:22 फीसदी अनाज बर्बाद §ֆ:एक अनुमान के मुताबिक भारत में हर साल 22 प्रतिशत खाद्यान्न बर्बादी हो जाता है और इसे देखते हुए यह योजना और भी महत्वपूर्ण हो जाती है. अपने खुद के भंडारण की सुविधा के साथ, किसानों को अब बाजार में कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता है. इसके बजाय वे अनुकूल बाजार स्थितियों का इंतजार कर सकते हैं. इससे बर्बादी कम होगी और मुनाफा अधिकतम होगा.
§गुजरात सरकार की एक स्कीम से किसान काफी खुश हैं. दरअसल राज्य सरकार की एक विशेष योजना, किसानों को अपने स्टोरेज गोदामों के निर्माण के लिए सब्सिडी देती है. यह सब्सिडी पूरे राज्य में कई लाभार्थियों के लिए वरदान बनकर उभरी है. इससे फसलों को बेमौसम बारिश, चोरी और जंगली जानवरों के हमले से बचाया जा रहा है. इस योजना को मुख्यमंत्री फसल भंडारण योजना के तौर पर जाना जाता है. इस योजना के तहत किसानों को 75 हजार रुपये की सब्सिडी मिलती है. इस रकम से उन्हें लंबी अवधि के लिए अपनी फसलों को स्टोर करने और सुरक्षित रखने का अधिकार मिलता है.

