ֆ: डॉ. पाठक ने पर्यावरण क्षरण निगरानी एवं जलवायु परिवर्तन प्रभावों पर सहयोगी परियोजनाओं के लिए आईसीएआर संस्थानों के बीच विचार-मंथन सत्रों पर जोर दिया। डॉ. एफ.एच. रहमान, प्रमुख, आईसीएआर-एनबीएसएस एंड एलयूपी, क्षेत्रीय केंद्र, कोलकाता ने पिछले दो वर्षों में क्षेत्रीय केंद्र की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी तथा केंद्र द्वारा बाहरी रूप से जुटाए गए पर्याप्त धन पर प्रकाश डाला।
§ֆ:कार्यक्रम में आईसीएआर-केंद्रीय जूट एवं संबद्ध फाइबर अनुसंधान संस्थान, बैरकपुर के निदेशक डॉ. गौरंगा कर, आईसीएआर-कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान, कोलकाता के निदेशक डॉ. प्रदीप डे, आईसीएआर-एनबीएसएस एंड एलयूपी, आरसी कोलकाता के वैज्ञानिक एवं कर्मचारी, आईसीएआर-सीआरआईजेएएफ और कोलकाता स्थित अन्य आईसीएआर संस्थानों के वैज्ञानिक उपस्थित थे।
§डॉ. हिमांशु पाठक, सचिव (डीएआरई) एवं महानिदेशक (आईसीएआर) ने राष्ट्रीय मृदा सर्वेक्षण एवं भूमि उपयोग नियोजन ब्यूरो, क्षेत्रीय केंद्र, कोलकाता का दौरा किया। केंद्र के कर्मचारियों से बातचीत करते हुए उन्होंने मृदा सर्वेक्षण एवं भूमि संसाधन सूची के लिए नए उपकरणों एवं तकनीकों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कई भागीदारी कार्यक्रमों के माध्यम से वास्तविक समय भूमि उपयोग नियोजन मॉडल को अपनाने का भी आग्रह किया।

