֍:आय बढ़ाने के लिए करें ये खेती §ֆ:रायबरेली के राजकीय कृषि केंद्र शिवगढ़ के प्रभारी अधिकारी शिव शंकर वर्मा बताते हैं कि खरीफ की फसल का सीजन चल रहा है. जिसमें धान की फसल मुख्य फसल मानी जाती है. इसीलिए कृषि विभाग द्वारा किसानों को धान की फसल की बुवाई के लिए अनुदानित बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं. वह बताते हैं कि कृषि विभाग में पंजीकृत किसान यहां से धान के बीज ले सकते हैं. इसके लिए उन्हें नगद रूप में तुरंत 50प्रतिशत तक का अनुदान भी मिल जायेगा. साथ ही वह बताते हैं कि जो बीज बाहर बाजारों में महंगे दामों में मिल रहा है. वहीं बीज सभी राजकीय कृषि केंद्र पर 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध है.
§֍:यह है उन्नत किस्म की प्रजातियां§ֆ:वह बताते हैं कि धान की फसल की खेती के लिए किसान उन्नत किस्म की प्रजातियों के ही बीज का चयन करें. जिससे उन्हें कम लागत में अधिक पैदावार प्राप्त हो सके. उन्नत किस्म की प्रजातियां में बीपीटी 5204 (सांभा), एचयूआर 917(मालवीय सुगंधा), पीआर 126(पंजाब रिसर्च), सियाट्स -2 उन्नत किस्म की प्रजातियां मानी जाती हैं.जो कम लागत अधिक पैदावार देती हैं. वह बताते हैं कि 10 वर्ष से कम अधिसूचित धान की प्रजातियों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान और 10 वर्ष से अधिक अधिसूचित धान की प्रजातियों पर 50 प्रतिशत से कम का अनुदान उपलब्ध है. अनुदान की यह प्रक्रिया पूर्णतया बायोमेट्रिक है.
§֍:इन किसानों को मिलेगा लाभ§ֆ:प्रभारी अधिकारी कृषि शिव शंकर वर्मा बताते हैं कि धान की नर्सरी के लिए किसान उन्नत किस्म की प्रजाति का धान राजकीय कृषि केंद्र से अनुदान पर ले सकते हैं. परंतु उन्हें ध्यान देना होगा कि यह अनुदान राशि उन्हें नगद रूप में मिलेगी. साथ ही वह बताते हैं कि जो किसान पहले से कृषि विभाग में पंजीकृत है .उन्हें अनुदान का लाभ मिलेगा. साथ ही अनुदान की यह प्रक्रिया नगद रूप में हस्तांतरित की जाती है.
§यूपी सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित की जा रही है.जिससे लाभान्वित होकर किसान अपनी आय बढ़ा सकें. इसी कड़ी में सरकार द्वारा खरीफ की फसल की बुवाई के लिए अनुदानित बीज उपलब्ध कराया जा रहा है. जिससे किसानों को बाजार से महंगे दाम में बीज न खरीदना पड़े.

