ֆ:सीआईएल तथा बीएचईएल ने सतह कोयला गैसीकरण (एससीजी) प्रौद्योगिकी मार्ग के माध्यम से वाणिज्यिक पैमाने पर भारत का पहला कोयला से अमोनियम नाइट्रेट उत्पादन-संयंत्र स्थापित करने के लिए एक समझौता किया है। समझौते के अनुसार, गैसीकरण संयंत्र बीएचईएल द्वारा स्थानीय रूप से विकसित कोयला गैसीकरण प्रौद्योगिकी पर आधारित होगा, जिसके तहत लखनपुर क्षेत्र के उच्च राख की मात्रा वाले कोयले का उपयोग प्रति वर्ष 0.66 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटीपीए) तकनीकी ग्रेड के अमोनियम नाइट्रेट का उत्पादन करने के लिए किया गया है। पीएफआर के अनुसार, पूरी परियोजना लागत 11782 करोड़ है। “विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट (डीएफआर) की तैयारी” के कार्य के लिए, मेसर्स पीडीआईएल को परियोजना के पीएमसी के रूप में नामित किया गया है।
§ֆ:तदनुसार, कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने 21 मई, 2024 को एक संयुक्त उद्यम कंपनी, भारत कोल गैसीकरण एवं रसायन लिमिटेड (बीसीजीसीएल) (सीआईएन यू23935ओडी2024जीओआई045884) का गठन किया है, जो इन दोनों पीएसयू के कोयला-से-रसायन व्यवसाय में प्रवेश का प्रतीक है। यह कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की एक सहायक कंपनी है, जिसमें सीआईएल की 51% और बीएचईएल की 49% हिस्सेदारी है।
§सीआईएल और बीएचईएल की संयुक्त उद्यम कंपनी, भारत कोल गैसीकरण एवं रसायन लिमिटेड (बीसीजीसीएल) ने गुरुवार को ओडिशा में ‘कोयला से अमोनियम नाइट्रेट’ परियोजना के लिए एलएसटीके-2 ठेकेदार के चयन हेतु निविदा दस्तावेज जारी किया है। यह निविदा सीपीपी पोर्टल पर निविदा संख्या, पीएनएमएम/पीसी288/ई/001 तथा निविदा शीर्षक, “भारत कोल गैसीकरण एवं रसायन लिमिटेड, बीसीजीसीएल” के रूप में उपलब्ध है। एलएसटीके-2 निविदा सिनगैस शुद्धिकरण संयंत्र तथा अमोनिया संश्लेषण गैस संयंत्र से संबंधित है, जो कोयला गैसीफायर से उत्पादित कच्चे सिनगैस को शुद्ध करेगा तथा इसे अमोनिया संश्लेषण के लिए उपयुक्त बनाएगा। पूर्व-बोली की तिथि 28.06.2024 निर्धारित की गई है तथा इच्छुक बोलीदाता 21.06.2024 तक अपने पूछताछ संबंधी प्रश्न साझा कर सकते हैं।

