֍:महाराष्ट्र में किसान परेशान §ֆ:महाराष्ट्र के अकोला और अमरावती में एक तरफ अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है, जिससे फल और सब्जियों की फसल जल रही है तो वहीं दूसरी तरफ बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान के कारण भी फल व सब्जियों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है.
§֍:मौसम की दोहरी मार से बर्बाद हुई फसल§ֆ:पिछले 15 दिनों में तीन से चार बार बारिश हो चुकी है, जिसके कारण किसानों की फसलों का नुकसान हुआ है. इसमें हजारों हेक्टर खड़ी फसलें बर्बाद हुई है. बेमौसम तूफानी हवाओं और बारिश के चलते गेहूं, पपीता, केला, ग्राउंडनट और अन्य ग्रीष्मकालीन फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है. वहीं नष्ट हुई फसलों के सर्वेक्षण का काम चल रहा है.
§ֆ:अगर देखा जाए तो पिछले कई सालों से बेमौसम बारिश या वर्षा के मौसम में कम ज्यादा बारिश के चलते मौसम का ऋतु चक्र बिगड़ चुका है, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है. एक तरफ तो खेत में खड़ी फसलें तेज धूप के कारण जल रही हैं. वहीं दूसरी तरफ बेमौसम तूफानी हवाएं और मूसलाधार बारिश के कारण फसलें बर्बाद हो रही हैं. इस वजह से किसानों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंच रहा है.
§֍:किसानों को सरकार से उम्मीद §ֆ:अगर देखा जाए तो पिछले कई सालों से बेमौसम बारिश या वर्षा के मौसम में कम ज्यादा बारिश के चलते मौसम का ऋतु चक्र बिगड़ चुका है, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है. एक तरफ तो खेत में खड़ी फसलें तेज धूप के कारण जल रही हैं. वहीं दूसरी तरफ बेमौसम तूफानी हवाएं और मूसलाधार बारिश के कारण फसलें बर्बाद हो रही हैं. इस वजह से किसानों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंच रहा है. §महाराष्ट्र के विदर्भ के अकोला और अमरावती में बेमौसम बारिश और तूफानी हवाओं के चलते खेत में खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं. इससे पहले तेज धूप के कारण भी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है. किसानों की फसलों को मौसम की मार से काफी नुकसान पहुंचा है.

