֍:कृषि वैज्ञानिक के सुझाव§ֆ:
शाही लीची को मौसम की बेरुखी से बचाने के लिए राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक ने बताया कि लीची के बाग में नमी बनाएं रखें और पानी का छिड़काव करते रहे. इसके अलावा बोरोन का छिड़काव करें, इसमें 0.4 प्रतिशत ब्रॉक्स लें और 1 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें. उन्होंने बताया कि फलों के लौंग के आकार का बन जाने पर बोरॉन का पहला छिड़काव (अप्रैल प्रथम सप्ताह में ) 4 ग्राम प्रति लीटर पानी एवं दूसरा छिड़काव फलों के रंग के शुरूआत (लाली) होने के समय (मई प्रथम सप्ताह) में करें. इससे फलों के फटने की समस्या कम हो जाती है.
§֍:भीषण गर्मी से ऐसे करें फसलों की सुरक्षा §ֆ:भीषण गर्मी से आम और लीची के बगीचों में बड़ी तेजी से फलों में फटने के साथ पेड़ से फल झड़ने से किसान परेशान हैं. चिलचिलाती गर्मी से फलों की शुरुआती वृद्धि के दौरान फल के त्वचा का असामान्य विकास इस विकार को बढ़ावा दे रहा है. वहीं किसानों का कहना है कि लीची और आम के फलों के फटने से भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. आम और लीची को बचाने के लिए फिलहाल बारिश नहीं होने के कारण टैंकर से छिड़काव करना पड़ रहा है, जिससे उपज की लागत में भारी वृद्धि हो रही है. §भारत में शाही लीची का सबसे अधिक उत्पादन बिहार के मुजफ्फरपुर में किया जाता है. यहां से कई देशों में शाही लीची की सप्लाई होती है. लेकिन इस साल भीषण गर्मी पड़ने की वजह से शाही लीची के उत्पादन पर बुरा असर पड़ सकता है. तेज धूप और कम बारिश से शाही लीची के फल फटने के साथ-साथ जल रहे हैं, जिसको लेकर शाही लीची के किसान मायूस हैं. अगर ऐसा ही मौसम एक सप्ताह तक रहा तो इस बार प्रसिद्ध शाही लीची मार्केट में कम दिखेगी.

