֍:पीड़ित किसानों को मिलेगा मुआवजा§ֆ:इस संबंध में अपर जिला धिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि बड़े पैमाने पर आग से फसलों की क्षति हुई है. नुकसान का आकलन कराया जा रहा है. क्षतिपूर्ति दी जाएगी. वहीं मृत किसान के बारे में बताया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी है. परिजनों को आपदा राहत कोष से मुवावजा दिया जाएगा. इस मामले में फायर स्टेशन अधिकारी राजमंगल सिंह ने बताया कि बीस से अधिक जगह आग लगी थी. तेज पछुवा हवा थी. दमकल की गाड़ियां मात्र छह हैं. बस इतने संसाधनों में हम हर जगह कवर करने की कोशिश करते हैं. जब वह किसी प्वाईंट पर आग बुझाते हैं तो वहां से लोग दूसरी जगह सूचना मिलने पर भी नहीं जाने देते हैं. वह चाहते हैं कि आग पूरी तरह से बुझाने के बाद ही गाड़ी जाए.
§֍:कई क्षेत्र में लगी आग §ֆ:जनपद के बरियारपुर, मईल थाना क्षेत्र के अंडीला, बकुची सतराव में भी बड़े क्षेत्र में आग आग लगने की घटनाओं से किसानों को काफी नुकसान हुआ है. किसान त्राहि त्राहि कर रहे हैं. वजह रही तेज़ पछुवा हवाएं. इसी क्रम में रामपुर कारखाना क्षेत्र के बलियवा गांव में आग लगी और पछुवा हवाओं के चलते यह आग आधा किलोमीटर की चौड़ाई में डेढ़ किलोमीटर तक तेज़ी से फैलती चली गई और नहर के पास जहां हरी घांस व झाडिया थीं वहां जाकर कुछ कम हुई. इस दौरान फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी बरियारपुर के विधायक के नजदीकी गांव के क्षेत्र में आग बुझा रही थी. लिहाजा गौरा देरी से पहुंची तो ग्रामीण अपने-अपने खेतों में लगी आग को अरहर के डंठल से बुझाने लगे तो कुछ पम्पिंग सेट इंजिन चालू कर पानी को डिलीवरी पाइप से खेतों तक पहुंचाने के प्रयास में जुट गए.
इस दौरान गौरी शंकर शुक्ल उम्र 65 वर्ष नाम के किसान भी अपनी फसल बचाने के लिये खेत मे घुस गए और हरे अरहर के डंठल से आग को बुझाने का प्रयास करने लगे. लेकिन उनकी धोती में आग पकड़ लिया और खेत में आग से चारों तरफ से घिर गए और जिंदा जल गए. इनकी मौके पर ही मौत हो गई.
§֍:प्रधान ने क्या कहा §ֆ:रोहित राय ग्राम प्रधान गौरा ने बताया कि बलियवा गांव की तरफ़ से आग लगी है. सौ एकड़ फसल जल गई है. उसी में गौरी शंकर शुक्ला खेत में थे, जिनकी जलकर मौके पर मौत हो गयी.§उत्तर प्रदेश के देवरिया में लगभग दो दर्जन जगहों पर पछुवा हवाओं ने आग के साथ मिलकर इस कदर तबाही मचाई कि गेंहू के खेत में लगी आग को बुझाने के दौरान एक किसान की जलकर मौत हो गई. वहीं सैकडों बीघा गेंहू की खड़ी फसल भी जलकर खाक हो गई. कई जगहों पर स्कूली बच्चे अगल-बगल खेतो में लगी आग से घिर गए. उड़ता धुंआ और राख स्कूल के अंदर पहुंचने से विद्यालयों में अफरा-तफरी मच गई. कहीं फायर ब्रिगेड पहुंची तो कहीं नहीं पहुंची. मृतक किसान का नाम गौरी शंकर शुक्ल है जिनकी उम्र 65 वर्ष थी. बरियारपुर के पास किसान अपनी फसल बचाने के लिये खेत मे घुस गए और हरे अरहर के डंठल से आग को बुझाने का प्रयास करने लगे. लेकिन उनकी धोती में आग पकड़ लिया और खेत में आग से चारों तरफ से घिर गए और जिंदा जल गए. इनकी मौके पर ही मौत हो गई.
जब इतने बड़े पैमाने पर आगजनी की सूचना डीएम अखण्ड प्रताप सिंह और एसपी संकल्प शर्मा को हुई तो तत्काल वे सबसे पहले मोर्चरी पहुंचे जहां किसान का शव लाया गया था. यहां पर परिजनों से बात की उन्हें ढांढस बधाते हुए आर्थिक मदद देने का भरोसा दिलाया. इसके बाद जहां आग लगने की घटना घटी वहां जाकर किसानों से मुलाकात कर हर सम्भव मदद का भरोसा दिलाया.

