ֆ:डॉ. पाठक द्वारा, केन्द्र सरकार की पहल, प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत देश में मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए मत्स्य पालकों व उद्यमियों को दिये जाने वाले अनुदानों के बारे में भी जानकारी साझा की गई।भाकृअनुप के महानिदेशक डॉ हिमांशु पाठक द्वारा एनबीएफजीआर का दौरा भाकृअनुप के महानिदेशक डॉ हिमांशु पाठक द्वारा एनबीएफजीआर का दौरामहानिदेशक ने एनबीएफजीआर परिसर के गंगा एक्वेरियम में उत्तर प्रदेश की राजकीय मछली ‘चिताला’ का अनावरण कर वैज्ञानिकों के माध्यम से सेंट्रल एक्वेरियम एवं तालाब में रिलीज़ भी किया। इस अवसर पर गंगा एक्वेरियम का ट्रेड मार्क, मछलियों के डीएनए बारकोड पर पुस्तक का विमोचन के साथ-साथ क्रस्टेशियन प्रजातियों के पहचान हेतु ऑनलाइन डेटाबेस का भी विमोचन किया गया।
§ֆ:डॉ. उत्तम कुमार सरकार, निदेशक (एनबीएफजीआर) ने संस्थान की गतिविधियों एवं अनुसंधान परियोजनाओं की प्रगति से संबन्धित विचार साझा किया।इस अवसर पर लखनऊ स्थित भाकृअनुप संस्थानों के निदेशकगण, डॉ. आर. विश्वनाथन, डॉ. टी. दामोदरन सहित एनबीएफजीआर के समस्त वैज्ञानिक एवं विभिन्न अनुभागों के प्रभारी उपस्थित रहे।
§डॉ. हिमांशु पाठक, सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक (भाकृअनुप) का भाकृअनुप-केन्द्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीएफजीआर) में आज आगमन हुआ।डॉ. पाठक ने संस्थान द्वारा मत्स्य प्रजातियों के अन्वेषण एवं लक्षण वर्णन के माध्यम से देश में मत्स्य उत्पादन बढ़ाने तथा प्राकृतिक आवासों में मत्स्य प्रजातियों के संरक्षण सहित अन्य अनुसंधान कार्यक्रमों के विस्तार का जायजा लियाI महानिदेशक द्वारा राष्ट्रीय पोषण सुरक्षा कार्यक्रमों को ध्यान में रखकर मात्स्यिकी उत्पादन को आगे बढ़ाने के लिए वैज्ञानिकों द्वारा गहन शोध कार्य करने का आह्वान कियाI उन्होंने देश के किसानों एवं युवाओं की आजीविका सुरक्षा हेतु मछली पालन व इससे जुड़े अन्य व्यवसायों को अपनाने हेतु सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने पर जोड़ दिया।

